पूर्वानुमान का महत्व-Moral Story

पूर्वानुमान का महत्व- Moral Story

दोस्तों आज हम आपके लिए पूर्वानुमान का महत्व-Moral Story नामक कहानी लेकर आये हैं। जैसा कि आप जानते हैं मेरी सभी कहानियां केवल मनोरंजन मात्र न होकर कुछ सिखाती भी हैं। उसी प्रकार यह hindi story भी एक गम्भीर विषय पर चिंतन करने का मौका भी देती है। वह विषय है पूर्वानुमान। क्या यह एक गुण है? यह लाभदायक है या नुकसानदेह। पहले आप कहानी पढिये, फिर हम इस पर चर्चा करेंगे।

पूर्वानुमान का महत्व- Moral Story

एक राजा था। उसे जानवर पालने का बहुत शौक था। उसने अलग अलग जानवर पाल रखे थे। जानवरों में भी उसे बंदर बहुत प्रिय थे। वह पूरे राज्य से ढूंढकर बंदर मंगवाता था और उन्हें अपने महल में रखता था। इस तरह से उसके पास बहुत सारे बंदर इकट्ठे हो गए थे।

वह बंदरों को सभी प्रकार की सुख सुविधाएं प्रदान करता था। बंदर भी बहुत खुश रहते थे। बंदरों के अलावा उसने भेड़ें भी पाल रखी थीं।

पूर्वानुमान का महत्व-Moral Story
पूर्वानुमान का महत्व-Moral Story

एक भेड़ प्रतिदिन भागकर रसोईघर में कुछ खाने के उद्देश्य से जाती थी। वहां रसोइया उसको डंडे से मार कर भगाता था। साथ ही वह क्रोध से भुनभुनाता भी था। वास्तव में रसोइया भेड़ों को पसंद नहीं करता था।

यह सिलसिला इसी प्रकार रोज चलता था। इस घटनाक्रम को जब बंदरों के सरदार ने देखा तो वह चिंतित हो उठा। उसने सारे बंदरों की सभा बुलाई।

सभा में उसने कहा, “भाइयों! हमारा जीवन संकट में है। हमें तुरंत यह जगह छोड़ देनी चाहिए। अब यहां रहना खतरे से खाली नहीं है।”

एक जवान बंदर ने उठकर कहा, “क्या हुआ काका? कौन सा संकट आ गया? हमें तो कोई संकट नहीं दिखाई देता। हम सब प्रसन्न हैं।”

तब वह बुजुर्ग सरदार बोला, “संकट अभी नहीं है। भविष्य में आने वाला है। मैं रोज देखता हूँ कि एक भेड़ रोज रसोईघर में कुछ खाने की इच्छा से जाती है। रसोइया भेड़ों को पसंद नहीं करता।”

“वह रोज उसे डंडे से मारता है। किसी दिन वह गुस्से में उसे जलती हुई लकड़ी से मारेगा। जिसके कारण भेड़ के शरीर के ऊन में आग पकड़ लेगी। भेड़ घबराकर इधर उधर भागेगी।”

“भागते हुए वह घोड़ों के अस्तबल में जा सकती है। वहां राजा के सर्वाधिक प्रिय और उपयोगी घोड़े बंधे हैं। वहाँ सूखी घास भी रहती है। जिसमें आग लग जायेगी। जिसके कारण पूरा अस्तबल जलने लगेगा।”

“राजा के प्रिय घोड़े झुलस जाएंगे। जब राजा को यह सूचना मिलेगी तो राजा कहेंगे किसी भी प्रकार घोड़ों को ठीक करो। मेरे प्रिय बच्चों, घोड़ों को ठीक करने का केवल एक ही उपाय है। वह है बंदरों की चर्बी।”

“अब तुम लोगों को समझ में आया कि किस प्रकार हमारा जीवन संकट में है?” यह सुनकर सभी बंदर हंसने लगे। एक बंदर उठकर बोला,”इसे कहते हैं ऊटपटांग सपने देखना। ऐसा कभी नहीं होगा। आप बेकार की कड़ियाँ जोड़ रहे हैं।”

यहां हमको कितनी सुख सुविधाएं मिली हुई हैं। न भोजन की चिंता है और न खाने की। सब कुछ मिलता है। इसके अलावा राजा भी हमें कितना प्यार करता है! अगर ऐसी स्थिति आएगी भी तो वह हमारा उपयोग इसके लिए नहीं करेगा।”

वृद्ध बन्दर बोला, “हम राजा के मनोरंजन के लिए हैं। जबकि घोड़े उसके लिए उपयोगी हैं। घोड़ों का महत्व हमसे ज्यादा है। अगर तुम लोग रुकना चाहते हो तो रुको। लेकिन मैं तो जा रहा हूँ।”

यह कहकर वह वृद्ध बन्दर वहां से चला गया। थोड़े दिन बाद उसका पूर्वानुमान एकदम सही निकला। अक्षरशः वही हुआ, जैसा उसने कहा था। सभी बंदरों को उबालकर उनकी चर्बी उतारी गई। जिससे घोड़ों को ठीक किया गया।

आइये अब पूर्वानुमान के महत्व पर चर्चा करते हैं। यह कहानी थोड़ी सी अतिरंजित प्रतीत हो सकती है। लेकिन इससे विषय की गंभीरता में कोई अंतर नही पड़ता है। विषय यह है कि क्या पूर्वानुमान लगाना सही है? क्या पूर्वानुमान के आधार पर बड़े या महत्वपूर्ण निर्णय लेना ठीक है?

सटीक पूर्वानुमान हमें भविष्य के खतरों से बचा सकता है। साथ ही हमें निवेश आदि के द्वारा लाभ भी दिलवा सकता है। पूर्वानुमान हर बार सही हों यह भी जरूरी नहीं। इसके कारण हम हंसी का पात्र भी बन सकते हैं।

मेरे हिसाब से घटनाओं का कारण और परिणाम के आधार पर विश्लेषण करके भविष्य का अनुमान लगाना ही सही पूर्वानुमान है।

पूर्वानुमान और कयास लगाने में ज्यादा अंतर नहीं है। कयास में हम केवल अंदाजा लगाते हैं। जबकि पूर्वानुमान में हम तथ्यों के आधार पर विश्लेषण करते हैं। इसलिए एक सीमा तक पूर्वानुमान लगाना और उनके आधार पर निर्णय लेना सही है।

लेकिन इसका अधिक प्रयोग निराशावाद और नकारात्मकता की ओर भी ले जाता है। जोखिम लेने की क्षमता को घटाता है। इसलिए इस क्षमता का संतुलित प्रयोग ही उचित और लाभदायक है।

मैं इस बारे में आपके विचार जानने के लिए उत्सुक हूँ। कृपया कमेंट करके जरूर बताएं।

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आशा है कि पूर्वानुमान का महत्व- Moral Story आपको पसंद आई होगी। हिन्दू धर्म, व्रत, पूजा-पाठ, दर्शन, इतिहास, प्रेरणादायक कहानियां, प्रेरक प्रसंग, प्रेरक कविताएँ, सुविचार, भारत के संत, हिंदी भाषा ज्ञान आदि विषयों पर नई पोस्ट का नोटिफिकेशन प्राप्त करने के लिए नीचे बाई ओर बने बेल के निशान को दबाकर हमारी वेबसाइट को सब्सक्राइब जरूर करें। आप सब्सक्राइबर बॉक्स में अपना ईमेल लिखकर भी सबस्क्राइब कर सकते हैं।

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