1000+ paryayvachi shabd- पर्यायवाची शब्द

आज हम आपके लिए 1000+ paryayvachi shabdपर्यायवाची शब्द लेकर आये हैं। जिनमें हिंदी भाषा के प्रचिलित सभी शब्दों के पर्यायवाची शब्द दिए गए हैं।

पर्यायवाची शब्द का अर्थ- paryayvachi shabd

एक समान अर्थ रखने वाले शब्द पर्यायवाची या समानार्थक शब्द कहलाते हैं। परंतु इनका प्रयोग करते समय विशेष सावधानी रखनी चाहिए। क्योंकि देश-काल और परिस्थिति के अनुसार समानार्थक शब्दों का प्रयोग अलग-अलग होता है।

जिस प्रकार “नारी जगत” कहने के लिए समानार्थी होते हुए भी “कामिनी जगत” शब्द का प्रयोग उचित नहीं है। इस सम्बंध में हिंदी व्याकरण के मर्मज्ञ आचार्य रामचंद शुक्ल के कथन के अनुसार ही व्यवहार करना चाहिए–

“ऐसे शब्दों को चुनते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वे प्रकरण-विरुद्ध या अवसर के प्रतिकूल न हों। जैसे, यदि कोई मनुष्य किसी अत्याचारी के हाथ से छुटकारा पाना चाहता हो, तो उसके लिए हे गोपिका रमण ! हे वृन्दावन बिहारी ! आदि कहकर कृष्ण को पुकारने की अपेक्षा ‘हे मुरारी ! हे कंस-निकंदन ! आदि सम्बोधनों से पुकारना अधिक उपयुक्त है; क्योंकि श्रीकृष्ण के द्वारा कंस आदि दुष्टों का मारा जाना देखकर उसे उनसे अपनी रक्षा की आशा होती है, न कि उनका वृन्दावन में गोपियों के साथ विहार करना देखकर। इसी तरह, किसी आपत्ति से उद्धार पाने के लिए कृष्ण को मुरलीधर कहकर पुकारने की अपेक्षा ‘गिरिधर’ कहना अधिक अर्थ संगत है।”

आचार्य रामचंद शुक्ल

पर्यायवाची शब्द के प्रकार

पर्यायवाची शब्द मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते है:

1- पूर्ण पर्याय
2- पूर्णापूर्ण पर्याय 3- अपूर्ण पर्याय

1- पूर्ण पर्याय

वाक्य में यदि एक शब्द के स्थान पर दूसरा शब्द रखा जाय और उसके अर्थ में कोई भी अन्तर न पड़ता हो, तो वह शब्द उसका पूर्ण पर्याय है। जैसे- आश्रम, मठ, अंश, भाग, हिस्सा आदि।

2- पूर्णापूर्ण पर्याय

एक ही कार्य विशेष के लिए प्रयोग किये गये दो शब्द पूर्ण पर्याय नहीं हो सकते। दूसरे शब्दों में जब एक प्रसंग का समानार्थी शब्द दूसरे प्रसंग में असमान अर्थ का बोध स्पष्ट करता है तो पूर्णापूर्ण पर्याय होता है। जैसे- खाना-खाना, निगलना, कपड़ा टाँगना या लटकाना।

3- अपूर्ण पर्याय

कोई भी व्यक्ति शब्दों के अर्थ की छाया बदल-बदलकर अपने-अपने ढंग से प्रयोग करता है और विषय की व्यापकता के परिप्रेक्ष्य में उसी शब्द का प्रयोग नये अर्थ में होने लगता है। यह अपूर्ण पर्याय कहलाता है। जैसे- ‘गाभिन’ तथा ‘गर्भिणी’।

इन दोनों शब्दों का अर्थ एक ही है लेकिन उचित स्थान पर उनका प्रयोग न हो पाने के कारण अर्थ का अनर्थ हो जाता है । ‘गाभिन’ शब्द का प्रयोग सदैव पशओं के लिए किया जाता है किन्तु ‘गर्भिणी’ शब्द का प्रयोग स्त्री के लिए किया जाता है।

paryayvachi shabd
paryayvachi shabd

– paryayvachi shabd in hindi

अरण्य– वन, विपिन, अटवी, कानन, जंगल।
अंग– कलेवर, तन, देह, काया, शरीर।
अग्नि– आग, अनल, पावक, हुताशन कृषानु, वैश्वानर, दव, ज्वाला, रोहिताश्व, वन्हि, धनंजय, जातदेव।
अचल– गिरि, शैल, नग, महिधर, आद्रि।
अचला– पृथ्वी, क्षिति, धरा, वसुंधरा, वसुधा, धरती।
अक्षर– मोक्ष, वर्ण, शिव, ब्रम्हा।
असुर– दनुज, दानव, दैत्य, राक्षस, निशाचर, रजनीचर, तमीचर, यातुधान, सुरारि।

अनुपम– अद्भुत, अनूठा, अपूर्व, अद्वितीय, अनोखा।
अमृत– सुधा, अमिय, सोम, पीयूष, अमी।
अभिजात– श्रेष्ठ, पूज्य, उच्च, कुलीन।
अश्व– हय, बाजि, तुरंग, घोटक, घोड़ा रविसुत, सैंधव।
अधर– ओष्ठ, ओठ, रदच्छद, रदपुट।
अज– ब्रम्हा, ईश्वर, बकरा, दशरथ पिता।
अर्थ– अभिप्राय, मतलब, धन, हेतु।

अरुण– सिंदूर, सूर्य।
अंक– हृदय, गोद, संख्या, नाटक का भाग, सर्ग।
अनार– दाड़िम, शुकप्रिय, रामबीज।
अंधा– नेत्रहीन, सूरदास, अंध, चक्षुविहीन, प्रज्ञाचक्षु।
अनाज– अन्न, गल्ला, धान्य, शस्य।
अध्यापक– आचार्य, गुरु, शिक्षक, प्रवक्ता, व्याख्याता।
अनेक– नाना, कई, एकाधिक।
अनुवाद– भाषान्तर, उल्था, तर्जुमा।

अन्वेषण– गवेषण, खोज, जांच, शोध, अनुशंधान।
अपमान– अनादर, अवमानना, बेइज्जती, तिरस्कार, उपेक्षा, निरादर।
अपराध– कुसूर, दोष, जुर्म।
अप्सरा– देवांगना, सुरबाला, दिव्यांगना, सुरसुन्दरी, देवबाला।
अपार– असीम, अनंत, बेहद, बेशुमार, निःसीम।
अतिथि– पाहुन, मेहमान, आगन्तुक, अभ्यागत।

अधिकार– स्वत्व, प्रभुत्व, स्वामित्व, हक, आधिपत्य।
अचेत– मूर्छित, बेहोश, बेखबर, संज्ञाशून्य, चेतनाहीन।
अच्छा– चोखा, बढ़िया, उम्दा, घृणा, आला।
अंश– भाग, हिस्सा, भंग, अवयव।
अभिप्राय– अर्थ, तात्पर्य, आशय, मतलब, मायने।

आकाश– गगन, नभ, अम्बर, व्योम, अनंत, अंतरिक्ष, शून्य, अभ्र, द्या, पुष्कर।
आनंद– सुख, चैन, प्रसन्नता, मोद, विनोद, प्रमोद, हर्ष, आल्हाद, उल्लास।
आदित्य– भास्कर, दिवाकर, दिनकर, सूर्य।
आम– सहकार, आम्र, पियुम्बु, पिकबन्धु, अमृतफल, मन्मथालय, अंब, फलश्रेष्ठ।
आंख– लोचन, नयन, नेत्र, अक्षि, दृग, चक्षु, अम्बक, चख, दीदा, ईक्षण, विलोचन, प्रेक्षण।

आँगन– आँगना, अजिर, प्रांगण, बगर।
आकर्षक– दिलकशी, खिंचाव, विमोचन, सम्मोहन।
आखिरकार– अंततः, अंततोगत्वा, परिणामतः।
आज्ञा– अनुमति, मंजूरी, स्वीकृति, सहमति, इजाजत।
आयुष्मान– चिरंजीव, दीर्घायु, शतायु, चिरायु, दीर्घजीवी।
आश्रय– अवलंब, भरोसा, सहारा, आधार, प्रश्रय।

आशीर्वाद– आशीष, आशीर्वचन, मंगलकामना।
आवेग– स्फूर्ति, तेजी, जोश, चपलता, त्वरा।
आलसी– सुस्त, काहिल, ठलुआ, निकम्मा, निरुद्यमी।
आदरणीय– सनमान्य, पूज्य, पूजनीय, मान्यवर, माननीय।
आचार– चरित्र, स्वभाव, धूलि, चाल-ढाल, चाल-चलन।
आख्यान– कहानी, कथा, वृतांत, इतिवृत्त, किस्सा।

आकाशगंगा– स्वर्गनदी, सुरनदी, मंदाकिनी, नभनदी, नभगंगा।
आक्षेप– आरोप, दोषारोपण, अभियोग, इल्जाम।
आकृति– चेहरा-मोहरा, नैन-नख्श, गढ़न, डील-डौल, आकार।
आकलन– आँकना, आगणन।
आँसू– अश्रु, नेत्रनीर, नयनजल, नेत्रवारि, नयननीर।
आदर्श– मानक, नमूना, प्रतिरूप, प्रतिमान।
आतंक– भीषिका, उपद्रव, अतिभय, संत्रास, दहशत।

आड़– शरण, पर्दा, रोक, आश्रय, ओट।
आदि– प्रथम, पहला, आदिम, शुरू का, आरम्भिक।
आधार– मूल, सहारा, अवलंब, जड़, बुनियाद।
आधुनिक– नूतन, नया, वर्तमानकालीन, अवार्चीन।
आपत्ति– आपदा, मुसीबत, विपदा, आफत, विपत्ति।
आवाज– शब्द, स्वर, ध्वनि, वाणी।
आवश्यक– जरूरी, अपरिहार्य, बाध्यकार, अनिवार्य।

आडम्बर– प्रपंच, ढकोसला, स्वांग, दिखावा, ढोंग।
आश्रम– मठ, विहार, कुटी, संघ।
आँचल– पल्ला, छोर, दामन, कोना, कोर।
आशय– भाव, अभिप्राय, मतलब, अर्थ, तात्पर्य।
आहार– भोजन, खाना, खाद्य वस्तु, भोज्य सामग्री।

इच्छा– अभिलाषा, आकांक्षा, कामना, लालसा, उत्कंठा, वाञ्छा, रुचि, तृष्णा, मनोरथ, चाह, मर्जी, स्पृहा, लिप्सा।
इंद्र– सुरपति, शचीपति, मधवा, शक, पुरंदर, कौशिक, देवराज, मेघपति, सुरेंद्र, सुरेश, सहस्राक्ष, अमरपति, जिष्णु, पुरहुत, बिभुधेश, वज्रधर।
इंद्राणी– इन्द्रवधू, इंद्रा, शची, पुलोमजा, मद्यावानी, शतावरी, पौलोमी।

इंद्रधनुष– शक्रचाप, सप्तकर्ण धनु, इन्द्रधनु, सुरचाप, धनुक।
इंद्रपुरी– देवलोक, अमरावती, इंद्रलोक, देवेंद्रपुरी, सुरपुर।
इनाम– उपहार, पुरस्कार, पारितोषिक।
इठलाना– शेखी मारना, ऐंठना, इतराना, शान दिखाना।
इशारा– सैन, निर्देश संकेत, इंगित।
इच्छुक– अभिलाषी, लालायित, आतुर, उत्सुक, उत्कंठित।
इनकार– प्रत्याख्यान, अवंगीकार, निषेध, अस्वीकृति, अवंगीकरण।

ईश्वर– भगवान, परमेश्वर, परमात्मा, प्रभु, दीनानाथ, ईश, जगतप्रभु, अज, जगदीश, जगन्नाथ, परब्रम्ह।
ईमानदारी– निष्कपटता, निश्छलता, दयानतदारी।
ईर्ष्या– मत्सर, जलन, डाह, कुढ़न, द्वेष, स्पर्धा।

– पर्यायवाची शब्द

उचित– ठीक, समीचीन, मुनासिब, संगत, वाजिब, उपयुक्त।
उत्कर्ष– उन्नति, उन्मेष, उत्थान, अभ्युदय, आरोह, चढ़ाव, उत्क्रमण, उठाव।
उग्र– प्रबल, तेज, प्रचंड।
उकसाना– उभारना, उत्तेजित करना, उदबाधित करना।
उत्पात– ऊधम, बखेड़ा, उपद्रव, टंटा, शरारत।
उजाड़– निर्जन, वीरान, बियाबान, सुनसान, बर्बाद, खंडहर।
उत्पत्ति– पैदाइश, जन्म, उद्गम, उद्भव, आविर्भाव।
उत्सव– मंगलकार्य, पर्व, जलसा, त्यौहार, समारोह।
उत्कंठा– आतुरता, चाव, उत्सुकता, लालसा, प्रबलेच्छा।
उत्तम– बढ़िया, उत्कृष्ट, श्रेष्ठ, प्रवर, प्रकृष्ट।
उत्थान– उन्नति, उन्मेष, उत्थान, अभ्युदय, आरोह, चढ़ाव, उत्क्रमण, उठाव।

उदार– महामना, महाशय, दरियादिल, उदारचेता।
उद्धार– मुक्ति, मोक्ष, निस्तार, छुटकारा, अपमोचन, निर्वाण।
उद्यम– अध्यवसाय, परिश्रम, मेहनत, श्रम, पुरुषार्थ, व्यवसाय, उद्योग, व्यापार, धंधा।
उनींदा– निद्राप्रवण, तंद्रालु, निद्रालु, निन्दासा, ऊँघना।
उन्नति– प्रगति, तरक्की, विकास, उत्थान।
उपहार– सौगात, भेंट, तोहफा।
उपयुक्त– वांछनीय, ठीक, समीचीन, मुनासिब, संगत, वाजिब।
उपवास– निराहार, व्रत, अनशन, फाका, लंघन।
उपयोगी– कार्यकर, काम का, कारामद, इष्टकर, उपादेय।

उपस्थित– मौजूद, विद्यमान, प्रस्तुत, हाजिर, वर्तमान।
उपाय– ढंग, युक्ति, जुगत, जुगाड़, तरीका, तरकीब, तदबीर।
उपासना– आराधना, पूजा, सेवा, अर्चना, इबादत, प्रार्थना।
उपेक्षा– लापरवाही, विरक्ति, उदासीनता, अनासक्ति, विराग, तिरस्कार, उल्लंघन, अवज्ञा, अवहेलना।
उल्टा– विपरीत, प्रतिकूल, विरुद्ध, प्रतिलोम, औंधा।
उलझन– अनिश्चय, संभ्रम, असमंजस, दुविधा, धर्मसंकट, चक्कर।
उदास– अनमन, अप्रसन्न, विषण्ण, खिन्न, चिंताकुल, उद्विग्न, अन्यमनस्क।

उदाहरण– दृष्टांत, मिसाल, नजीर, नमूना, उद्धरण, निदर्शन।
उतावला– व्यग्र, आतुर, अधीर, जल्दबाज, उद्धत, हड़बड़िया।
उपमा– सादृश्य, मिलान, समानता, तुलना।
उद्देश्य– प्रयोजन, लक्ष्य, ध्येय, निमित्त, मकसद, हेतु।
उल्लास– आल्हाद, आनंद, हर्ष, प्रमोद मौज।
उत्साह– जोश, हौसला, उमंग, साहस, उबाल।
उपकार– हितसाधन, भलाई, नेकी, कल्याण, परोपकार, हित।
उपज– फसल, पैदावार, कृषिफल।

उपजाऊ– उत्पादक, उर्वरक, फलप्रद।
उत्सुक– व्यग्र, आतुर, अधीर, उद्धत, उत्कर्ण, रुझान, रुचि।

उद्यत– तैयार, प्रस्तुत, तत्पर उन्मूलन- अंत, उत्सादन, निरसन ।

उपालंभ– उलाहना, शिकवा, शिकायत।
उल्लू– कौशिक, उलूक, लक्ष्मीवाहन।

ऊसरअनुर्वर, सस्यहीन, अनुपजाऊ
ऊर्जाशक्ति, ओज, स्फूर्ति
ऊष्मातपन, उष्णता, ताप, गर्मी, ताव
ऊँटलम्बोष्ठ, महाग्रीव, उष्ट्र
ऊँघतंदा ऊँघाई, झपकी, अर्धनिद्रा, अलसाई
ऊधमउपद्रव, उत्पात, हुल्लड़, हंगामा, धमाचौकड़ी
ऊबड़-खाबड़बीहड़, असम, अटपटा, ऊँचा-नीचा, उच्चावच
ऊँचाउच्च, उत्तुंग, बुलंद, ऊर्ध्व, ऊपर, तुंग, उन्नत, गगनचुम्बी, लंबा, शीर्षस्थ

ऋद्धि– सम्पन्नता, बढ़ती, बढ़ोत्तरी, वृद्धि, समृद्धि।
ऋषि– मुनि, मनीषी, साधु, महात्मा, सन्त, मन्त्रद्रष्टा।

एक सा– समान, एकजैसा, एकरूप, समरूप, अभिन्न
एकता– एकरूपता, एकसूत्रता, ऐक्य, अभिन्नता, अभेद।
एकांत– सुनसान, शुन्य, सूना, निर्जन, निमृत।
एकाएक– अकस्मात, अचानक, अचिंतित, सहसा, एकदम, यकायक, आकस्मिक, यकबयक, यकबारगी।
एहसान– अनुग्रह, कृतज्ञता, आभार।

ऐश– विलास, ऐय्याशी, सुख-चैन।
ऐश्वर्य– वैभव, सम्पदा, सम्पन्नता, समृद्धि, श्री, सम्पत्ति, धनसम्पत्ति, ऋद्धि।
ऐच्छिक– स्वेच्छाकृति, वैकल्पिक, अख्तियारी, साविकल्प, पसन्द का, इच्छा का।
ऐंठन– मरोड़, बल, तनाव, अकड़न, उमेठन।

ओज– बल, ताकत, जोर, दम, पराक्रम, शक्ति, उर्जा।
ओस– तुषार, हिमकण, हिमसीकर, हिमबिन्दु, तुहिनकण.
ओछा– कमीना, छिछोरा, टुच्चा, क्षुद्र, हल्का।
ओठ– होंठ, अधर, ओष्ठ, दंतच्छद, रदच्छद।
ओझल– अन्तर्धान, अदृश्य, लुप्त, गायब, तिरोहित, विलुप्त, विलोचन।

औषधि– भेषज, दवा, दवाई, औषध, रसायन।
और– एवं, तथा, साथ ही, अन्य, इतर, भिन्न,अधिक, ज्यादा, बढ़कर।

कमल– उत्पल, कुवलय, इन्दीवर, पद्म, नलिन, सरोज, अरविन्द, शतपत्र, सरसिज. शतदल सरसीरुह, राजीव, कंज, अम्भोज, पंकज, अंबुज, पाथोज, पुण्डरीक, वारिज, सरोरुह, जलज, नीरज, कोकनद, अब्ज, तामरस, परिजात. मकरन्द ।
कपडा– वस्त्र, दुकूल, पट, वसन, अम्बर, चीर, चैल, परिधा
कल्पवृक्ष– सुरतरु, हरिचन्दन, मन्दार, पारिजात, देववृक्ष, कल्पतरू, कल्पशाल कल्पटम
कई– नाना, अनेक, विविध, एकाधिक, कई-एक
कली– कलिका, कोपल, जालक, मुकुल, ताम्रपल्लव, कल्पशाल, नवपल्लव, अँखुवा
कण्ठ– ग्रीवा, गला, शिरोधरा
कर– हाथ, हस्त, बाँह, पाणि, भुज
कर– शुल्क, महसूल, मालगुजारी


कल्याण– मंगल, भलाई, क्षेम, वंचना
कला– कौशल, हुनर, विद्या, फन
कन्या– कुमारी, कुँआरि, अविवाहिता, अनूढा, किशोरी, बाला, बालिका कबूतर- कपोत, हारीत, रक्तलोचन, पारावृत, परेवा
कटाक्ष– व्यंग्य, आक्षेप, छींटाकशी
कच्चा– अनपका, अपक्व, अपरिपुष्ट, अप्रौढ़, कालपूर्व
कपड़ा– परिधान, वस्त्र, वसन, अंबर, चीर, पट
कथन– बयान, मत, कथनी, वक्तव्य, विचार
कटु– कडवा, तीखा, तेज, तीक्ष्ण, चरपाए, कर्कश, रूखा, रुक्ष, पेरुष, कड़ा, कठोर
कब्ज– मलबंध, मलबद्धता, मलावरोध, बद्धकोष्ठ, कोष्ठबद्धता
कामदेव– मदन, मनोभव, पन्चशर, मार, स्मर, मनसिज, मन्मथ, मीन केतु, कन्दर्प, अनंग, रतिपति, मनोज, मयन, मकरध्वज, कुसुमशर, केतन, पुष्पधन्वा
कारागार– कारावास, बन्दीगृह, जेल, कैदखाना
कानाफूसी– फिसफिस, फुसफुस, खुसर-फुसर
काक– कौआ, काग, काण, वायस, पिशुन, करठ


कामुकता– विषयासक्ति, व्यभिचारिता, भोगासक्ति, इन्द्रियलोलुपता, लम्पटता
कार्तिकेय– कुमार, षडानन, शरभव, स्कंद
किरण– कर, मरीचि, मयूख, अंशु, रश्मि
क्रूर– निर्दय, कठोर, दयाहीन, निर्दयी
कुबेर– यक्षराज, धनद, धनाधिप, राजराज, किन्नरेश, धनपति, धनेश, अलंकेश, धनपाल, धनेश्वर,नृपराज, अधिपति।
कुत्सित– नीच, अधम, निकृष्ट, बुरा, खराब, घृणित, लम्पट, हेय, गर्हित।
कूटनीति– छलबल, घात, दाँव-पेंच, चाल, कूटयुक्ति।
कुत्ता– श्वान, कुक्कुर, शुनक, सारमेय, श्वा।
कोयल– पिक, कोकिल, श्यामा, मदनशलाका, कलघोष. वसन्तदूत, काकपाली।
कृतज्ञ– आभारी, उपकृत, अनुगृहीत, कृतार्थ, ऋणी, एहसानमन्द।
कृष्ण– श्याम, मोहन, वंशीधर माधव, नंदलाल, मुरलीधर,नंदनंदन, वासुदेव, बनमाली, हृषीकेश, गोविन्द, मुरारी, गिरिधर, कन्हैया, बनवारी, मुरारी, मुकुन्द, दामोदर, ब्रज वल्लभ, गोपीनाथ, क्षीरसायी।


कृपा– अनुग्रह, दया, करुणा, अनुकम्पा।
कंदरा– गुफा, गुहा, खोह, गह्वर।
कंगाल– निर्धन, दरिद्र, अकिंचन, गरीब।
कंचन– सुवर्ण, सोना, स्वर्ण, कनक।
कपकपी– प्रकपन, थरथरी, थरथराहट।
केला– कदली, रम्भा, भानुफल, मोभा।
केश– बाल, कच, अलक, लट, कुन्तल।
क्रोध– कोप, अमर्ष, गुस्सा, रोष, आक्रोश, प्रकोप, तैश, क्षोभ।

– समानार्थी शब्द

खल– दुष्ट, अधम, पामर, नीच, शठ, दुर्जन, कुटिल, धूर्त, नृशंस।
खग– विहग, विहंग, पक्षी, पंक्षी, द्विज, चिड़िया, शकुनि, पखेरू।
खम्भा– थंभ, स्तम्भ, स्तूप।
खबर– संदेश, सूचना, समाचार, जानकारी, हाल-चाल, वृत्तान्त।
खंड– अंश, भाग, टुकड़ा, हिस्सा।
खेती– कृषि, किसानी, कृषिकार्य, काश्तकारी, कृषिकर्म।

गणेश– विनायक, एकदन्त, गजानन, गणाधि, लम्बोदर, गणपति, हेरम्ब, द्वयमातुर, गजबदन्, गिरिजा-नन्दन, विघ्न-विनायक, गौरीसुत, मोदकप्रिय, मूषक-वाहन, महाकाय, भवानी-नन्दन।
गंगा– भगीरथी, जाह्नवी, सुरसरि, देवसरि, त्रिपथगा, सूरध्वनि, नदीश्वरी, देवनदी, मन्दाकिनी, अलकनन्दा, देवापगा, विष्णुपदी।
गृह– घर, सदन, भवन, मन्दिर, धाम, निकेतन, निकेत, आगार, आलय, निलय, गेह, शाला, ओक, आशियाना, अयनशाला, मकान, आवास।
गरुण– खगेश, पन्नगारि, उरगारि, हरियान, वातनेय, खगपति, सुपर्ण, नागान्तक, वैनतेय।
गाय– गौरी, गऊ, गइया, धेनु, भद्रा, दोग्धी, गौ, सुरभि।
गुफा– गुहा, कन्दरा, गह्वर, विवर।


गज– हस्ति, हस्ती, कुंजर, करि, गयन्द, मतंग, मातंग, वितुण्ड, कुंभी,
गा– समूह, समुदाय, अनुचर, अनुयायी, दूत।
गर्भाशय– गर्भ, पेट, बच्चेदानी, उदर, जठर।
गाँव– ग्राम, मौजा, पुरवा, बस्ती, देहात।
गरीब– निर्धन, दरिद्र, अकिंचन, दीन, कंगाल।
गूढ़– जटिल, कठिन, दुरूह, दुर्बोध, गहन, पेचीदा, संलिष्ट।
गीला– तर, नम, भीगा, आर्द्र, क्लिग्न।
गदहा – खर, गर्दभ, वैशाखनन्दन, रासभ, धूसर, बेसर, चक्रीवान, गधा।

घड़ा– घट, कलश, कुंभ, गगरा, गगरी।
घिनौना– घृण्य, घृणास्पद, गर्हित, वीभत्स, गंदा, घृणित, हेय।
घुमक्कड़– रमता, सैलानी, पर्यटक, घुमन्तू, विचरणशील, यायावर।

चन्द्रमा– निशानाथ, इन्दु, शशि, शशांक, सुधाकर, राकापति, हिमांशु, निशिपति, हिमकर. निधि, सुधाकर, निशाकर, विभाकर, सुधांशु, विधु, राकेश, कला निधि, मयंक।
चमक– प्रभा, ज्योति, द्युति, दीप्ति, कान्ति, शोभा, छवि, आभा, प्रकाश।
चक्षु– आँख, नयन, नेत्र, दृग, लोचन, अक्षि।
चतुर– विज्ञ, दक्ष, प्रवीण, निपुण, पटु, नागर, सयाना, कुशल, होशियार, निष्णात।
चाँदनी– चन्द्रिका, कौमुदी, ज्योत्सना, चन्द्रमरीची, अमृत तरंगिणी, चन्द्रकला।
चपला– विद्युत, बिजली, चंचला, दामिनी, तड़ित।


चश्मा– सहनेत्र, उपनेत्र, उपनयन, ऐनक।
चंदन– मलय, दिव्यगंध, हरिगंध, दारूसार, मलयज।
चाँदी– रजत, रूपा, रौप्य, गातरूप, चन्द्रहास, रूपक, रुक्म, नौध।
चाटुकारी– खुशामद, चापलूसी, मिथ्या प्रशंसा, चिरौरी, चमचागीरी।
चोर– दस्यु, रजनीचर, खनक, मोषक, कभिज, तस्कर, कुम्भिल।
चोटी- शीश, सानु, शृंग, शिखर, शिरोबिन्दु, तुंग, परकोटि।

छलांग– उछाल, फाँद, चौकड़ी, उछलकूद।
छाती– उर, वक्ष, वक्षस्थल, वक्षप्रान्त, सीना।
छोह– ममता, स्नेह, प्रेम, प्यार, मोहब्बत, दुलार।

– paryayvachi in hindi

जल– पानी, वारि, नीर, सलिल, अम्बु, तोय, पय, जीवन, आब, उदक, अमृत, धनरस, सांरग, वन, विष, शम्बर,सर्वमुख।
जमुना– यमुना, सूर्यतनया, रवितनया, रविनन्दनी, सूर्यसुता, कालिन्दी, अक्रजा, तरणिजा, कृष्णा
जीभ– जिह्वा, रसना, रसज्ञा, चञ्चला।
जगत्– विश्व, संसार, भव, जग, लोक, दुनिया, भुवन, मृत्युलोक।
जंग– रण, समर, युद्ध, लड़ाई, संग्राम।
जंगल– विपिन, कानन, वन, अरण्य, कान्तार, अटवी।
जानकी– सीता, वैदेही, जनकसुता, जनकतनया, जनकात्मजा।

झरना– प्रपात, निर्झर, स्रोत, उत्स, प्रस्रवण, जलप्रपात।
झण्डा- ध्वजा, पताका, केतु, निशान।

टक्करठोकर, भिड़न्त, संघात, समाघात, धक्का
टपकनाचूना, रिसना, झरना, सवित होना
टीकाव्याख्या, भाष्य, वृत्ति, भाषांतरण, विवृत्ति
टीसकसक, शूल, पीड़ा, कष्ट, दर्द, हूक
टीमटामठाठबाट, धूमधाम, समारोह, आडम्बर, बाह्याडम्बर
टेकआश्रय, सहारा, भरोसा, अवलम्ब, अवष्टंभ
टेढ़ातिरछा, कुटिल, वक्र, बलदार, टेढ़ा-मेढ़ा

ठग– वंचक, प्रतारक, अड़ीमार, प्रवंचक, जालसाज।
ठगी– प्रतारणा, वंचना, मायाजाल, फरेब, जालसाजी।
ठिठोली– मजाक, उपहास, फबती, व्यंग्य, व्यंग्योक्ति।
ठीक– उचित, उपयुक्त, मुनासिब, समीचीन।
ठौर– स्थान, जगह, स्थल, ठिकाना

डर– भय, खौफ, त्रास, भीति, आतंक।
डरावना– भयंकर, भयानक, खौफनाक, भयावह, दहशतनाक।
डायरी– दैनिकी, दैनंदिनी, रोजनामचा।
डाकू– दस्यु, लुटेरा, लुंठक, बटमार, डकैत, साहसिक।
डीलडौल– रूप, आकृति, बनावट, रचना, गठन, गढ़न।
डोरी– जेवरी, सुतली, तनी, रस्सी, डोर।
डाँवाडोल-ढुलमुल, अस्थिर, अदृढ़, ढीला, विचलित, असन्तुलित।

ढंग– रीति, तरीका, विधि, शैली, उपाय, तदबीर, युक्ति, ढब, पद्धति, प्रणाली, प्रविधि।
ढाढ़स– आश्वासन, तसल्ली, दिलासा, धीरज, सांत्वना, इतमीनान।
ढिठाई– धृष्ठता, बेशर्मी, अशिष्टता, गुस्ताखी, अविनय।
ढीठ– धृष्ट, गुस्ताख, बेशर्म, प्रगल्भ, अविनीत, उद्धत।
ढेर– जमाव, अंबार, राशि, पुंज, ओघ, समूह।
ढोंग– स्वाँग, कपट, पाखण्ड, छल, छिपाव।
ढोंगी– पाखण्डी, बगुलाभगत, रंगासियार, कपटी, छली, पाखण्डी।

– samanarthi shabd in hindi

तलवार– असि, कृपाण, खड्ग, चन्द्रहास, करवाल, खङ्ग, शम्शीर।
तरुणी– युवती, मनोज्ञा, सुन्दरी, यौवनवती, नवयुवती, प्रमदा, रमणी
तालाब– तड़ाग, सर, जलाशय, कासार, ताल, सरसी, पुष्कर, हृद, सरोवर, पोखर, छद, दह।
तम– तिमिर, अन्धकार, ध्वान्त, अँधेरा, तमिस्रा
तटस्थ– उदासीन, निरपेक्ष, निर्लिप्त, निष्पक्ष, बेलाग।
तनिक– थोड़ा, जरा, लेशमात्र, रंचमात्र, किंचित
तरु– वृक्ष, विटष, पेड़, पादप, दुम।
तथापि– तो भी, फिर भी, तदपि, तिसपर भी, इसके बावजद।
तरंग– लहर, हिलोर, उर्मि, वीचि, उल्लोल।
तामरस– कमल, पंकज, सरसिज, नीरज, पुण्डरीक, इन्दीवर।


तन्मय– लीन, मग्न, तल्लीन, ध्यानमग्न, लवलीन।
तन्मयता– तल्लीन, लगन, एकाग्रता, ध्यानमग्नता, लवलीनता, तल्लीनता।
तोता– शुक, कीर, सुआ, सुग्गा, रक्ततुण्ड, दाडिम, प्रिय
तेज– तीव्र, द्रुत, क्षिप्र।
तीखा– तीक्ष्ण, तेज, पैना, प्रखर।
तत्पर– तैयार, उद्यत, मुस्तैद, कटिबद्ध, सन्नद्ध।
तरुण– युवा, युवक, जवान, नवयुवक, नवजवान।
तादात्म्य– एकात्मक, सारूप्य, तद्रूपता, अनन्यता, अभिन्नता, एकरूपता, एकान्विता।
तानाशाह– अधिनायक, निरंकुश शासक, डिक्टेटर।
तारतम्य– क्रम, सिलसिला, परम्परा।
तालिका– सारणी, सूची, फेहरिस्त।
तालमेल– सामंजस्य, संहति, संगति, सामरस्य, सुस्वरता, समन्वय।
तिरस्कार– उपेक्षा, अपमान, निरादर, बेइज्जती, अवमानना, अवहेलना।
तुरन्त– तुरत, झटपट, क्षिप्र, फटाफट, त्वरित, सत्वर, त्वरा।


तैयार– तत्पर, उद्यत, सन्नद्ध, मुस्तैद, कटिबद्ध।
तूफान– अंधड़, झंझा, झंझावात, प्रभंजन, आँधी।
तेजस्वी– प्रतापी, तेजवान् वर्चस्वी, कांतिमय, तेजोमय।
तारा– उड्डगण, नक्षत्र, तारक, नखत।
त्रास– भय, डर, आशंका, भीति, आतंक।
त्रुटि– गलती, भूल, चूक।

थकान– थकावट, थकन, श्रांति, क्लाति।
थल– धरती, जमीन, पृथ्वी, धरा, भूतल, भूमि।
थपेड़ा– चपेटा, थप्पड़, झापड़, चाँटा, धौल।
थाह– सीमा, हद, छोर, सिरा, अन्त।
थोथा– पोला, खाली, खोखला, रिक्त, छूछा।
थोड़ा– किंचित, परिमित, अल्प, रंचमात्र।

दंग– चकित, विस्मित, हक्का बक्का, हैरान, आश्चर्यचकित, हतप्रभ।
दंगा– उत्पात, उपद्रव, झगड़ा, ऊधम, फसाद।
दण्ड– हर्जाना, जुर्माना, सजा, अर्थदण्ड।
दक्ष– होशियार, चतुर, प्रवीण, कुशल, निपुण, पारंगत, निष्णात।
दबाव– बल-प्रयोग, जोर, दमन, जबर, जबरदस्ती।
दमक– चमक, आभा, दीप्ति, कान्ति, द्युति, जगमगाहट।
दमन– रोक, नियंत्रण, वश, अवरोध, निग्रह।
दया– करुणा, अनुकम्पा, रहम, तरस।
दयामय– कृपालु, दयालु, कृपानिधि, मेहरबान, दयावान, करुणामय।


दयाहीन– बेरहम, निर्दयी, बेदर्द, करुणाहीन, हृदयहीन, पाषाण हृदय, कठोर हृदय।
दरबान– प्रतिहार, द्वारपाल, चोबदार, चौकीदार, प्रतिरक्षक।
दरवाजा– किवाड़, पल्ला, कपाट, द्वार।
दरार– कटाव, चीर, फटाव, फटन, कटाव, कटान।
दर्जा– पदवी, पद, ओहदा, मर्तबा, रुतबा।
दर्प– दंभ, अहंकार, घमंड, गर्व, अभिमान।
दर्द – व्यथा, पीड़ा, यातना, यन्त्रणा, तकलीफ।
दर्शन– साक्षात्कार, मुलाकात, भेट, आमना-सामना।
दल– समूह, गिरोह, गुट, संघ, यूथ, जत्था, दस्ता, टुकड़ी।
दलना– माँड़ना, पीसना, मसलना
दाँव– युक्ति, चाल, जुगुत, दाँव-पेंच, घात।
दाग– कलंक, धब्बा, लांछन, ऐब, दोष।
दादा– पितामह, आजा, बाबा।
दानव– राक्षस, दैत्य, निशाचर, शंबर, असुर।
दास– सेवक, भृत्य, नौकर, परिचर, अनुचर, चाकर, किंकर, परिचायक, परिचर।
दासी– दासी, नौकरानी, अनुचरी, बाँदी, किंकरी, परिचायिका।
दामिनी– चपला, तड़ित, पीत-प्रभा, चंचला, प्रभा।


दिन– वासर, दिवस, दिवा, अह्न, वार।
दिनांक– तारीख, तिथि, मिति।
दिखावटी– बनावटी, नकली, दिखाऊ, आडम्बरी, दर्शनी।
दिव्य– लोकोत्तर, लोकातीत, अलौकिक, स्वर्गिक
दीपावली– दीवाली, दीपमाला, दीपोत्सव, दीपमालिका, प्रकाशोत्सव।
द्विज– ब्राह्मण, ब्रह्मज्ञानी, वेदविद्।
दीन– दरिद्र, अकिंचन, निर्धन, रंक, कंगाल।
दुःख– पीड़ा, व्यथा, कष्ट, क्लेश, वेदना, यातना, उद्वेग, खेद, विषाद, सन्ताप, क्षाम, यन्त्रणा, संकट, शोक, उत्पीड़न।
दुःखी– व्यथित, आर्त, संतत, पीड़ित।
दुबला– दुर्बल, कृश, निर्बल, तन्वी, कृशकाय, कमजोर।
दुस्तर– अगम्य, विकट, कठिन, औघट।
दुर्गा– चण्डिका, सिंहवाहिनी, कालिका, कल्याणी, कुमारी, कामाक्षी, सुभद्रा, महागौरी, भवानी, चंडी, शक्ति, देवी, मंगला, भद्रकाली, शिवा, नारायणी, भगवती, महामाया, दुर्गे, दुर्गातिशमनी।
दिल– हृदय, कलेजा, जिगर, उर, जिगरा, चित्त, जी, मन, अन्तःकरण।
दुर्जन– खल, असज्जन, असन्त, दुष्ट, धूर्त पिशुन।
दुर्बोध– कठिन, क्लिष्ट, दुरूह, जटिल, गूढ़।
दुर्लभ– अप्राप्त, दुष्प्राप्य, अलभ्य, नायाब, विरल।


दुविधा– धर्मसंकट, उहापोह, कशमकश, आगापीछा, असमंजस।
दूध– क्षीर, पय, गोरस, पीयूष, दुग्ध।
दृढ़– तगड़ा, अटूट, पुष्ट मजबूत, पक्का।
देवता– देव, अमर, सुर, विवुध, आदित्य, निर्जर, गीर्वाण, त्रिदश, अमर्त्य।
देह– वपु, कलेवर, विग्रह, काया, तनु, मूर्ति।
दाँत– दन्त, दशन, द्विज, मुखक्षुर, रदन, रद।
देवबाला– अप्सरा, देववधू, देवांगना, सुरबाला, सुरनारी, देवनारी, अमरनारी।
दोष– अवगुण, ऐब, दूषण, खराबी, बुराई।
दोषी– अपचारी, कसूरवार, अपराधी, अभियुक्त।
द्रौपदी– कृष्णा, पांचाली, द्रुपदसुता, याज्ञसेनी ।
द्वेष– विरोध, दुश्मनी, खार, शत्रुता, बैर, ईष्या, जलन, डाह, मात्सर्य
दर्पण– शीशा, प्रतिमान, आरसी, मुकुर, आईना।

धंधा– व्यापार, कामकाज, कारोबार, रोजगार, व्यवसाय, उद्यम।
धक्का– भिडंत, टक्कर, आघात, झोंका, लंघट्ट, रेला।
धनन्जय– अर्जुन, पार्थ, कौन्तेय, गुडाकेश, गांडीवधर, किरीटिश्श्वेत वाहना, वीभत्सुर्विजयी।
धन– द्रव्य, दौलत, पैसा, माल, माया, सम्पदा, रुपया-पैसा।
धनवान– धनी, धनाढ्य, धन्नासेठ, धनपति, मालदार, दौलतमंद, पैसेवाला।
धनुष– कमान, शरासन, चाप, पिनाक, कोदंड।
धनुर्धर– तीरंदाज, धनुधारी, कमनैत, धन्वी, निषंगी।
धन्यवाद– मेहरबानी, शुक्रिया कृतज्ञता, आभार।
धरोहर– थाती, अमानत, जमा।

– synonyms in hindi

नदी– सरिता, निर्झरिणी, तरंगिणी, पयस्विनी, तरनी, स्रोतस्विनी, लहरी, अपगा, सरी, तरिणी, तरंगवती, निम्नगा, लरमाला, नदिया, तटिया, कल्लोलिनी।
नर– जन, मानव, मनुष्य, पुरुष, मर्त्य, मनुज।
नरक– यमलोक, यमपुर, यमालय, जहन्नुम, दोजख।
नमक– लवण, लोन, समरस, नोन, नून।
नया– नूतन, नवीन, नव्य, अभिनव, आधुनिक, नव, ताजा, अर्वाचीन।
नक्षत्र– तारा, खद्योत, उडु, ऋक्ष, सितारा, तारक।
नंगा– निर्वस्त्र, दिगम्बर, नग्न, खुला, अनावृत।
नरम– कोमल, मृदुल, मुलायम, नाजुक।
नरेन्द्र– राजा, भूपति, नरपति, भूपाल, भूप, नरेश।
नवल– अनोखा, विलक्षण, अजब, विचित्र, अद्भुत।
नश्वर– विनाशी, नाशवान्, मरणशील, नाशाधीन, अनित्य।


नष्ट– बर्बाद, चौपट, बेकार, ध्वस्त, टूटा-फूटा।
नाज– अदा, चोचला, नखरा, हाव-भाव, बनाव-सिंगार।
नाजुक– कोमल, सुकुमार, मृदुल, मसृण, स्निग्ध।
नाता– रिश्ता, सम्बन्ध, नातेदारी, लगाव, वास्ता, रिश्तेदारी।
नाम– ख्याति, बड़ाई, कीर्ति, यश, प्रसिद्धि, मशहूरी, शोहरत।
नारी– औरत, महिला, रमणी, स्त्री, वनिता, ललना, वामा।
नाविक– मल्लाह, पोतवाहक, पोतचालक, नौचालक।
नाशवान– क्षणभंगुर, क्षणिक, विनाशी अस्थिर, नश्वर।
निंदा– अपयश, अपवाद, बदनामी, बुराई, बदगोई।
निकट– पास, समीप, करीब, आसन्न, निकटस्थ।
निकेतन– मकान, आवास, घर, निलय, आलय।
निगम– निकाय, संगठन, समिति, प्रतिष्ठान, संस्था।
निजी– व्यक्तिगत, खुद का, स्वकीय, अपना।
निडर– निर्भय, दिलेर, निधड़क, निःशंक, बेधड़क।


नित्य– शाश्वत, अमर, अविनाशी, अमर्त्य, अनश्वर, सदा, सनातन, सतत्, सर्वदा, सदैव, अहर्निश, प्रतिदिन, रोज़।
निरंतर– बराबर, हमेशा, सदा, लगातार।
नियति– भाग्य, प्रारब्ध, विधि, भावी, दैव्य, होनी, किस्मत।
नियंत्रण– काबू, वश, अंकुश, अधिकार।
नियम– कायदा, विधान, विधि, दस्तूर, उसूल।
निरपेक्ष– अलग, निष्पक्ष, बेलाग, तटस्थ, उदासीन।
निरर्थक– अर्थहीन, बेकार, बेमानी, बेमतलब, व्यर्थ।
निराधार– आधारहीन, बेबुनियाद, जड़हीन, निर्मूल, आधाररहित।
निराला– अनोखा, विलक्षण, अद्भुत, अनूठा, बेजोड, अप्रतिम, अद्वितीय।
निर्जीव– जीवहीन, प्राणहीन, मृत, मुर्दा, निष्प्राण।
निर्णय– निश्चय, निष्कर्ष, फैसला, परिणाम।
निर्दय– दयाहीन, निर्मम, बेरहम, बेदर्द, निष्ठुर, क्रूर।
निर्दोष– निरपराध, दोषरहित, बेकसूर, बेगुनाह, अदोष।
निर्धन– दरिद्र, अकिंचन, कंगाल, गरीब।

निर्बल– कृश, कृशकाय, कमजोर, दुर्बल।
निमंत्रण– बुलावा, आंमत्रण, न्योता।
निर्मल– शुद्ध, साफ, स्वच्छ।
निर्वासन– देश-निकाला, निष्कासन, जलावतनी।
निश्चित– तय, निर्धारित, दृढ़, पक्का, निर्णीत।
निष्कलंक– निर्दोष, बेदाग, बे-ऐब, स्वच्छ, साफ।
निष्ठा– श्रद्धा, आस्था, विश्वास, यकीन।
निष्पादित– अन्त, इति, समाप्ति।
निस्तब्धता– चुप, शान्ति, सन्नाटा, खामोशी, नीरवता।
निस्संदेह– जरूर, सचमुच, वाकई, बेशक, अवश्य, बिलाशक, वस्तुतः।
नीचता– तुच्छता, अधमता, ओछापन, कमीनापना, क्षुद्रता।


नुकसान– क्षति, घाटा, हानि, घटती, हास, कमी।
नुकीला– कटाग्र, पैना, सूच्यग्र, नोंकदार, तीक्ष्णार्ग।
नेता– अग्रणी, मुखिया, अगुआ, सरदार, प्रधान।
नौका– नाव, तरणी, डोंगी, पतंग, जलयान, तरी, बेड़ा, वनवाहन, तरणि, नैया।
नौबत– दशा, अवस्था, स्थिति, परिस्थिति, हालत।
न्यायाधीश– न्यायाध्यक्ष, मुंशिफ, जज, निर्णायक, न्यायकर्ता।
न्यायालय– अदालत, कचहरी, कोर्ट, मुंसिफी।
न्यारा– अनोखा, अजीब, विलक्षण, निराला, अद्भुत।
न्यून– अल्प, कम, थोड़ा, जरा, नाकाफी।
नैसर्गिक– प्राकृतिक, स्वाभाविक, वास्तविक।

पंक– कीचड़, कीच, कर्दम।
पंकिल– गन्दला, गन्दा, मैला, मलिन, मलीन।
पंथ– मार्ग, रास्ता, डगर, पथ, राह।
पंथ– धर्म, सम्प्रदाय, मत।
पकड़ना– कैद करना, बंदी बनाना, गिरफ्तार करना।
पछतावा– पश्चाताप, प्रायश्चित, अनुताप, ग्लानि, संताप।
पटरानी– राजमहिषी, महारानी, बड़ी रानी, प्रमुख रानी।
पटु– दक्ष, प्रवीण, निपुण, कुशल, होशियार, पारंगत, निष्णात।
पड़ोसी– हमसाया, प्रतिवासी, प्रतिवेशी।
पढ़ाई– पठन-पाठन, अध्ययन, विद्याभ्यास।
पताका– झण्डा, ध्वजा, ध्वज, फरहरा, निशान, केतु।
पत्तन– गर, नगरी, शहर, पुर, पुरी।


पत्ता– दल, पर्ण, पल्लव, पत्र, पात, छदन।
पत्थर– पाषाण, अश्म, संग, प्रस्तर, पाहन, शिला, उपल, उत्पर्ल।
पत्र– खत, चिट्ठी, पाती।
पति– भर्ता, वल्लभ, भतरि, आर्यपुत्र, ईश, स्वामी, बालम, जीवनधारा, नाथ, प्राणप्रिय।
पत्नी– भार्या, दारा, सहगामिनी, गृहिणी, वधू, प्राणप्रिया, वल्लभा, वामा परी कान्ता, कलत्र, अर्धाङ्गिनी, वामाङ्गी, बहू, जोरू, घरवाली, औरत।
पण्डित– सुधी, विद्वान, कोविद, बुध, धीर, मनीषी, प्राज्ञ, विलक्षण, विज्ञानी।
पर्वत– भूधर, गिरि, शैल, नग, भूमिधर, मेरू, महीधर, तुग, अचल, पहाड
पवन– वायु, समीर, हवा, मारुत, प्रकम्पन, समीरण, अनिल, बयार, वात, पवमान. नभप्राण. मगवाहन।
पक्षी– द्विज, अंडज, विहग, खग, विहंग, शकुन्त, शकुनि, पतंग, पखेरू, परिन्दा।


पथ्य– भोजन, आहार, भोज्य पदार्थ।
पथिक– मुसाफिर, यात्री, राही, पंथी, बटोही।
पद– पाँव, पाद, चरण, पैर, पग, पगु, कदम।
परशुराम– भृगुसुत, जामदग्न्य, भार्गव, परशुधर, रेणुकातनय, भृगुनन्दन।
परन्तु– किन्तु, मगर, लेकिन, पर।
पराग– रंज, पुष्परज, कुसुमरज, पुष्पधूलि।
परख– जाँच, पहचान, छानबीन, परीक्षण, जाँच-पड़ताल।
परतन्त्र– पराधीन, परवश, पराश्रित, गुलाम, अधीन।
परछाईं– प्रतिच्छाया, प्रतिबिम्ब, साया, झाईं, छाया।
पर्दा– आड़, ओट, छिपाव, आवरण, यावनिका, नेपथ्य।
परमार्थ– भलाई, उपकार, परोपकार।
परिणाम– फल विवाह, पाणिण पाकरी, खिदमत।


पराक्रम– ताकत, पौरुष, पुरुषार्थ, शक्ति, बल।
पराजित– परास्त, विजित, पराभूत, हारा हुआ।
पराया– दूसरा, और, गैर, बेगाना।
परिक्रमा– चक्कर, फेरा, प्रदक्षिणा, परिभ्रमण।
परिचय– मुलाकात, जानकारी, पहचान, अभिज्ञान, वाकफियत।
परिचर्या– सेवा, टहल, शुश्रूषा, चाकरी, खिदमत, देख-भाल।
परिणय– शादी, विवाह, पाणिग्रहण, ब्याह।
परिणाम– फल, अंजाम, नतीजा, निष्कर्ष, निष्पतित।
परिताप– दुःख, दर्द, पीड़ा, क्लेश, व्यथा।
परिपाटी– रीति, प्रणाली, तरीका, ढंग, पद्धति, प्रथा, चलन, प्रचलन, परम्परा, रूढि, दस्तूर, रिवाज।
परिभव– अपमान, अनादर, तिरस्कार, उपेक्षा, अवमान, अवहेलना।
परिमण्डल– घेरा, चक्कर, परिधि, वृत्त।
परिर्वत्तन– हेर-फेर, बदलाव, फेर-बदल, अदल-बदल, तबदीली।


परिवाद– बदनामी, बुराई, अपयश, अपवाद, निन्दा, अपकीर्ति।
परिवार– कुटुम्ब, कुनबा, कुल, खानदान, घराना।
परिष्कार– सफाई, संशोधन, संस्कार, शुद्धि, परिमार्जन।
परिष्कृत– शुद्ध, स्वच्छ, प्रांजल, साफ, परिमार्जित।
परुष– कड़ा, निष्ठुर, निर्दय, कठोर, कर्कश।
परेशान– उद्विग्न, क्षुब्ध, आकुल, बेजार।
परोक्ष– अप्रत्यक्ष, ओझल, गुप्त, अगोचर, तिरोहित।
पल-क्षण, लमहा, सेकण्ड, दम, निमेष, अंश।
पर्याप्त– प्रचुर, काफी, बहुत, यथेष्ट।
पल्लव– किसलय, पर्ण, पत्ती, पात, कोंपल।
पल्ला– आँचल, छोर, दामन।


पवित्र– पावन, पुनीत, साफ, विशुद्ध, पाक, शुचि, शुद्ध, स्वच्छ।
पशु– जानवर, चौपाया, मवेशी, जन्तु, चतुष्पाद।
पश्चाताप– पछतावा, ग्लानि, अफसोस, अनुताप, संताप।
पसीना– श्रमकण, श्रमसीकर, प्रस्वेद।
पाण्डुलिपि– हस्तलिपि, मसौदा, पाण्डुलेख।
पाखण्ड– ढोंग, स्वांग, प्रपंच, ढकोसला, आडम्बर।
पागल– दीवाना, बावला, विक्षिप्त, उन्मत्त।
पाणि– हाथ, कर, हस्त।
पाप– अध, पातक, गुनाह, अपकर्म, कलुष।
पान– ताम्बुल, नागरबेल, नागबल्ली, पर्णलता, सप्तशिला, नागिनी पत्र।
पाला– प्रालेय, नीहार, तुषार, हिम।
पार्वती– उमा, गौरी, शिवा, भवानी, दुर्गा, गिरिजा, गिरिराज कुमारी, सती, अम्बिका, शैलसुता, ईश्वरी, रुद्रानी, आर्या, अभया, सर्वमंगला, मैनसुता, हेमवती, चण्डी, मृडानी, अर्पणा।


पिता– जनक, बाप, तात, वालिद।
पुत्र– तनय, आत्मज, सुत, लड़का, बेटा, औरस, पूत।
पुत्री– तनय, आत्मजा, सुता, लड़की, बेटी, दुहिता।
पिक– कोयल, कोकिला, कलकण्ठ, वसन्तदूती, श्यामा।
पीछे– बाद में, अनन्तर, फिर, उपरान्त, पश्चात्।
पीड़ा– व्यथा, तकलीफ, दर्द, वेदना, यंत्रणा, यातना।
पुंज– राशि, ढेर, समूह, जमाव, अम्बार।
पुरातन– प्राचीन, पुराना, प्राक्त, पूर्वकालीन, भूतकालीन, प्राक्कालीन।
पुश्कल– प्रचुर, विपुल, अधिक, बहुत, इफरात, ढेर-सा, अतिशय, अत्यन्त।
पुष्टि– समर्थन, हिमायत, अनुमोदन।
पूजा– अर्चना, आराधना, उपासना, वन्दना, इबादत।
पूज्य– आराध्य, अर्चनीय, उपास्य, वंद्य, वंदनीय, पूजनीय।


पूर्ण– पूरा, सकल, समूचा, कुल, सारा, समग्र, सम्पूर्ण।
प्रख्यात– प्रसिद्ध, मशहूर, विख्यात, विश्रुत, नामवर, यशस्वी, नामी, लब्ध-प्रतिष्ठ, प्रतिष्ठित।
प्रगति– विकास, उन्नति, बढ़ती, तरक्की, श्रीवृद्धि।
प्रगल्भ– अहंकारी, घमण्डी, अभिमानी, गर्वीला, दंभी।
प्रचण्ड– भीषण, भयानक, खौफनाक, भयंकर, उग्र।
प्रचुरता– बहुलता, बहुतायत, प्रभूतता, इफरात, आधिक्य।
प्रजा– जनता, रैयत, रिआया, जन, लोक।
प्रजातन्त्र– जनतन्त्र, लोकतन्त्र, जनगण।
प्रज्ञा– ज्ञान, प्रतिभा, मेधा, बुद्धि, समझ।
प्रणय– अनुरक्ति, स्नेह, प्रीति, अनुराग, प्रेम।
प्रसन्नता– हर्ष, आह्लाद, खुशी, आनन्द, प्रफुल्लता।
प्रभात– ऊषा, प्रातः, अरुणोदय, सवेरा, सुबह।
पृथ्वी– भू, भूमि, अचला, धरा, धरित्री, धरणी, वसुन्धरा, वसुधा, उवी, मेदिनी मही धाप्ती, जगती, क्षोणी, क्षिति, वसुमति, बीजप्रसु, धरती, अवनि, ईला।


प्रकाश– प्रभा, छवी, द्युति, ज्योति, चमक, आलोक, दीप्ति, रोशनी, उजाला
प्राणी– प्राणधारी, जीवधारी, जीव, जानदार, सजीव।
प्रारब्ध– अदृष्ट, नसीब, भाग्य, किस्मत, तकदीर, प्रालब्ध।
प्रपात– झरना, निर्झर, स्रोत, उत्स।
प्रभा– प्रकाश, द्युति, चमक, दीप्ति, विभा।
प्रार्थना– विनय, याचना, निवेदन, विनती, आराधना, अर्ज।
प्रिय– प्यारा, वत्सल, प्रियतम, वल्लभ, दुलारा।
प्रिया– प्रेमिका, प्रेयसी, प्यारी, वल्लभा, प्रियतमा, सजनी, दिलरुबा, प्रिये।
प्रेम– प्यार, मोहब्बत, प्रणय, स्नेह, अनुराग, ममता, रति, दुलार, प्रीति, लाड़-प्यार।
प्रेमी– प्रियतम, आशिक, स्नेही, प्यारा, अनुरागी।
प्रोत्साहन– बढ़ावा, उत्साहवर्धन, हौसला।
प्रौढ़– प्रबुद्ध, अधेड़, बुजुर्ग, पक्की उम्र का।
पोत– जहाज, जलयान।

पेड़वृक्ष, पादप, विटप, तरु, गाछ, द्रुम

पानीजल, वारि, तोय, अंबु, नीर

पुस्तककिताब, पोथी, ग्रंथ

– paryayvachi shabd

फणीन्द्र– शेषनाग, वासुकि, उरगाधिपति, सर्पराज, नागराज।
फणी– सर्प, साँप, फणधर, नाग, उरग।
फरेब– छल, प्रताड़ना, धोखा, कपट, प्रवंचना।
फायदा– लाभ, मुनाफा, नफा, प्राप्ति, उपलब्धि।
फिर– पुनः, बहुरि, दोबारा।
फुनगी– मंजरी, अंकुर, किसलय, कली, कोंपल।
फौरन– जल्दी, शीघ्र, तत्क्षण, तुरन्त, तत्काल, त्वरित।
फूल– कुसुम, सुमन, प्रसून, पुष्प, लतान्त, मंजरी, पुहुप, गुल

बन्धन– कैद, रोक, नियंत्रण, बाधा, रुकावट।
बचपन– बालपन, लड़कपन, बाल्यावस्था, बचपना।
बलराम– बलदेव, बलभद्र, हलधर, बलवीर, हलायध, रोहिणेय, श्यामबन्ध, हला, स्वतार।
बलवान– बली, जोरावर, ताकतवर, सबल, बलशाली, शक्तिशाली।
बलवा– दंगा, उपद्रव फसाद, मार-काट, खून-खराबा।
बगीचा– बाग, वाटिका, उपवन, उद्यान, फुलवारी, निकुंज, कुंज।
बन्दर– कपि, वानर, कपीश, हरि, शाखामृग, मर्कट, कीश।
बिजली– विद्युत, चपला, चंचला, सौदामिनी, तडित, दामिनी, चम्पा, अशिन, धनवल्ली, क्षणप्रभा, कांचनवली।
बलात्कार– शीलभंग, सतीत्वहरण, बलात्सभाग, शीलहरण, शीलाघात, बल प्रयोग।
बलिदान– जीवनदान, कुर्बानी, आत्मोत्सर्ग, प्राणन्यौछावर, प्राणोत्सर्ग प्राणाहन।


बहादुर– सूरमा, भट, शूर, वीर, जवांमर्द।
वसन्त– ऋतुराज, ऋतुपति, मधुमास, कुसुमाकर, माधव।
बहुत– ज्यादा, प्रचुर, प्रभूत, विपुल, इफरात, अधिक, अनेक, अतीव, अति, बहुल, अपरिमित, अपार, अमित, अत्यन्त, असंख्य।
बहुतायत– बहुलता, सरसाई, आधिक्य, अधिकता, प्रचुरता।
बहेलिया– शिकारी, अहेरी, आखेटक, व्याघ्र, लुब्धक।
बाण– तीर, तोमर, विशिख, शिलीमुख, नाराच, शर, इषु, सायक, आशुग।
बाल– कच, केश, चिकुर, शिरोरुह, चूड़ा, चूल, कुंतल।
बादल– मेघ, धर अभ्र, जीमूत, नीरद, वारिधर, पयोदि, जलधर, जलद, बलाधर, परजन्य, पयोधर, सारंग।
बाल– बच्चा, बालक, लड़का।
बालिका– बाला, कन्या, बच्ची, लड़की।
बारिश– पावस, वृष्टि, वर्षा, बरसात, मेह, बरखा।
बियावान– निर्जन, सुनसान, उजाड़, वीरान, जनशून्य।


बीमारी– रोग, मर्ज, व्याधि।
बुढ़ापा– वृद्धावस्था, वृद्धत्व, जीर्णावस्था, जरा, वार्द्धक्य।
बुद्धि– प्रज्ञा, मेधा, जेहन, समझ, अक्ल, मति।
बुद्धू– मूर्ख, जड़, नासमझ, भोंदू, गोबर-गणेश, मंदमति, नादान, उल्लू, बुद्धिहीन, बेअक्ल।
बुनियाद– नींव, आधार, जड़, मूल।
बड़ा– वृहत्, विशाल, लम्बा-चौड़ा।
बेडौल– कुरूप, भद्दा, बदसूरत, बदशक्ल, भौंडा।
बेदर्द– निर्दय, निर्मम, निष्ठुर, क्रूर, दयाहीन, अकरुण।
बेसुध– बेहोश, अचेत, मूर्छित, संज्ञाहीन, निश्चेष्ट।
बेशर्म– बेहया, ढीठ, धृष्ट, निर्लज्ज, चिकना घड़ा।
बेशुमार– असंख्य, अनगिनत, अगणित।
बोध– बुद्धि, विवेक, समझ, जानकारी, ज्ञान।


ब्रह्मा– पितामह, स्वयंभू, चतुरानन, विरंचि, विधना, विधि, विधाता, स्रष्टा, प्रजापति, कमलासन, हिरण्यगर्भ, हंसवाहन, आत्मभू, लोकेश, कर्त्तार, नाभिजन्मा, सदानन्द, अण्डज, गिरापति।
बेटा– पूत, पुत्र, सूनु, सुवन, तनय, आत्मज, लाल, तनुज, नन्दन।
ब्रह्माण्ड– दुनिया, जगत्, विश्व, संसार, जगती।
ब्राह्मण– विप्र, द्विज, भूसुर, भूदेव, महीसुर।

भंगिमा– टेढ़ापन, वक्रता, कुटिलता।
भंगुर– भग्नशील, नाशवान, नश्वर, क्षणभंगुर, क्षणिक।
भंडार– गोदाम, मालखाना, संग्रहागार, संग्रहालय, आगार।
भगिनी– बहन, दीदी, जीजी, सहोदरा।
भर्त्सना– कुत्सा, दुत्कार, झिड़की, डाँट-डपट, फटकार, निन्दा।
भला– अच्छा, नेक, उत्तम, बढ़िया, सज्जन।
भव्य– शानदार, रमणीय, दिव्य, मनोहर, आलीशान।
भाँड– विदूषक, मसखरा, जोकर।
भाग– अंश, अंग, हिस्सा, खण्ड, टुकड़ा, अवयव।
भाग्य– किस्मत, नसीब, प्रारब्ध, मुकद्दर, तकदीर।
भारत– जम्बूद्वीप, भारतखण्ड, हिन्दुस्तान, आर्यावर्त्त।


भारती– वाणी, वागीश, वागेश्वरी, विधात्री, वीणावादिनी, वाचा, गिरा, शारदा. सरस्वती विद्यादेवी, ब्राह्मी।
भारी– वजनी, वजनदार, बोझिल।
भाल– ललाट, कपाल, माथा, मस्तक।
भाषा– बोली, जबान, वाणी, गिरा।
भाषाविज्ञान– शब्दविज्ञान, भाषाशास्त्र, शब्दशास्त्र, अक्षरशास्त्र।
भास्कर– प्रकाशवान, चमकदार, चमकीला, दीप्तिमय आभामय, प्रभाकर, दिवाकर, दिनकर।
भिक्षुक– भिखमंगा, भिखारी, याचक।
भिडंत– संघर्ष, टक्कर, संघात, मुठभेड, संघट्ट।
भिन्न– पृथक, जुदा, अलग, विभिन्न, विविध।
भीड़– जमावड़ा, जनसंकुल, जमघट, जनसमूह, भीड़-भड़क्का, भीड़-भाड़।
भुगतान– भरपाई, चुकौती, बेबाकी, अदायगी।
भूमिका– मुखबन्ध, प्रस्तावना, आमुख, प्राक्कथन, पूर्व-पीठिका, दो शब्द, लेखकीय।
भूल– त्रुटि, गलती, अशुद्धि, चूक, भ्रम।

भेदिया– जासूस, भेदी, गुप्तचर, दूत।
भोला– सरल, अकुटिल, सीधा, निष्छल, निष्कपट, निर्दोष, निष्काम।
भ्रमर– मधुकर, मधुप, अलि, भंग, भौंरा, षट्पद, मधुराज, मधुभक्षी, द्विरेफे।
भौचक्का– विस्मित, चकित, हैरान, आश्चर्यचकित, हक्का-बक्का।
भ्रष्ट– दुष्ट, पाजी, लुच्चा, बदमाश, दुर्वृत्त, लफंगा, लम्पट।

मन्दिर– देवालय, देवस्थान, देवगृह, ईशगृह।
मंगल– हित, कल्याण, भलाई, उपकार, भला, नेकी, परोपकार।
मंजुल-चिन्ताकर्षक, मनोरम, मनोहर, लुभावन, मनहर।
मण्डित– विभूषित, सुशोभित, सज्जित, सुसज्जित, अलंकृत, समलंकृत।
मन्दन– मंद, धीमा, अशीघ्र, वेग-हीन, अद्रुत।
मक्कार– धूर्त, दगाबाज, खोटा, छली, वंचक।
मक्खन– दीधसार, माखन, नवनीत।
मधु– शहद, वसंत ऋतु, शराब, मदिरा, चैत्यमास, कुसुकासव, मकरन्द, पुष्पासव, माक्षिक।
महादेव– शिव, शम्भु, शंकर, हर, महेश, गिरीश, चन्द्रशेखर, नीलकण्ठ रुद्र, त्रिलोचन, त्रिपुरारि, गंगाधर, उमापति, भूतनाथ, पशुपति, महेश्वरी, गिरजापति, कपर्दी, वामदेव,कैलाशपति, शितिकण्ठ।


मन्थन– संघर्षण, बिलोना, अवगाहन।
मछली– मीन, मत्स्य, शफरी, झष, जल-जीवन।
मत– सम्मति, मन्तव्य, राय, धारणा, विचार।
मतभेद– विरोध, असम्मति, वैमनस्य, असहमति, मतद्वैध।
मद- नशा, मादकता, मदहोशी, मतवालापन।
मद– गर्व, अहंकार, दम्भ, अभिमान, घमण्ड।
मदिरा– आसव, मधु, दारू, शराब, सोम, मद्य, मध्वासव, सुरा, वारुणी, हाला, माध्वाक, माध्विजा।
मन– अन्तर, मानस, जी, अन्तःकरण, चित्त, दिल, हृदय।
मनगढन्त– खयाली, काल्पनिक, कल्पित, यथार्थरहित, अवास्तविक।
मनचाहा– यथेष्ट, यथेच्छ, अभिलाषित, इच्छित, अभीष्ट, मनोवांछित।


मनीषी– ज्ञानी, विचारक, चिन्तक, विद्वान, पण्डित, मुर्द्धन्य, निष्णात।
मनुष्य– नर, मानव, मनुज, मानुष, इन्सान, मर्त्य।
मनोरम– सुन्दर, मनभावन, मनोहर, रमणीय, मनोज्ञ, मंजुली।
मनोरंजन– मनबहलाव, मनोविनोद, तफरीह, आनन्द, आमोद-प्रमोद।
मरघट– प्रेतघाट, चिताभूमि, श्मशान, कब्रगाह।
मवाद– पस, पीब, पूय मसौदा- पाण्डुलिपि, प्रालेख, प्रारूप।
महक– सुगन्ध, खुशबू, परिमल, वास, सुवास।
महत्त्व– माहात्म्य, महत्ता, बड़ाई।
महात्मा– माहामना, महाशय, महानुभाव, महापुरुष।
महावत– हाथीवान, पीलवान, महापात्र।
महिमा– गरिमा, माहात्म्य, गौरव, बड़ाई, महत्ता।
मांगलिक– शुभकर, शुभ, मंगलकारी, मंगलदायक, कल्याणकारी, शुभदा।


मातहत– अधीनस्थ, अवर, निम्नपदस्थ, अधीन।
माँ– मातु, माता, मातृ, मातरि, मैया, महतारी, अम्ब, जननी, जनयित्री, धात्री, प्रसू, अम्बिका, जन्मदात्री, अम्मा, माईं।
मान्य– माननीय, पूज्य, पूजनीय, सम्माननीय, समादरणीय, गणमान्य, श्रद्धेय, कुलीन।
माया– धोखा, छल, प्रतारण, प्रपंच, अस्तित्वरहित।
मार्मिक– हृदयविदारक, मर्मभेदी, मर्मस्पर्शी, हृदयस्पर्शी मर्मांतक।
मिलन– सम्पर्क, मिलाप, संयोग, मेल, भेंट, समागम।
मित्र– मीत, सखा, दोस्त, यार, हमदम, सुहृद।
मीठा– सरस, सुरस, स्वादु, मिष्ट, मधुर।
मुकदमा– दावा, मामला, केस, नालिश, वाद।
मुक्त– स्वछन्द, स्वतंत्र आजाद, खुला, छूटा, उन्मुक्त।
मुख– मुँह, आनन, वदन, मुखड़ा, चेहरा।
मुख्य– प्रधान, प्रमुख, प्रवर, वरेण्य, खास।
मुग्ध– तल्लीन, मोहित, आसक्त, लुब्ध, आकृष्ट।


मूंगा– प्रवाल, विद्रुम, रक्त्तमणि।
मूर्ख– मूढ़, अज्ञानी, जड़, गँवार, निर्बुद्धि।
मुर्गा– तमचुर, अरुणशिखा, ताम्रचूड़, कुक्कुट, चरणायुध।
मुनि– योगि, तापस, तपस्वी, व्रती, साधु, ऋषि, संत।
मृत्यु– अन्तकाल, ईन्तकाल, देहान्त, प्राणान्त, निधन, मौत, देहावसान, स्वर्गवास शरीरांत।
मेघ– धराधर, घन, जलचर, वारिद, जीमूत बादल, नीरद, वारिधर पयोट जगजीवन, अम्बुद।
मेढक– दादुर, भेक, शालूक, शालू, वर्षा-भू, चातक, मण्डूक, वर्षाप्रिय दर्दर।
मेधावी– प्रज्ञावान्, सुधी, बुद्धिमान्, बुध।
मेहनत– अध्यवसाय, उद्योग, परिश्रम, कर्मठता, मशक्कत, श्रम, उद्यम।
मेहनती– अध्यवसायी, उद्योगी, परिश्रमी, कर्मठ, श्रमशील, उद्यमी।
मैत्री– दोस्ती, यारी, सख्यभाव, मित्रता, सौहार्द।
मैना– कलहप्रिया, मदन, चित्रनेत्रा, चित्राक्षी, सारिका।
मैला– गन्दा, अशुद्ध, कलुषित, मलिन, अस्वच्छ।


मोती– मुक्ता, शुक्तिज, स्वातिसुत, सीपिज, मौक्तिक।
मोर– मयूर, केकी, कलापी, शिखी, शिखण्डी, बर्हि, ध्वजी, नीलकण्ठ, भुजगारि,सारंग हरि, शिव-सुत-वाहन।
मोक्ष– मुक्ति, निर्वाण, कैवल्य, अपवर्ग, परमपद,परमगति, परमधाम, सद्गति, अमृतत्व।
मोहक– मनभावन, लुभावन, दिलकश, मनोहर, मनहर, आकर्षक, सुन्दर।
मौलिक– वास्तविक, असली, आधारभूत, बुनियादी, मूलभूत।
मार्ग– पथ, डगर, राह, रास्ता, पंथ, सड़क।
मंजिल– गन्तव्य, लक्ष्य, पड़ाव।

यम– सूर्यपुत्र, जीवनपति, अन्तक, धर्मराज, शमन, कीनास, कतान्त, जीविनेश, काल, मृत्युपति, यमराज, यमुनाभ्राता, दण्डधर, श्राद्धदेघ।
यमुना– जमुना, कालिन्दी, अक्रजा, रवितनया, कृष्णा, कालगंगा, सूर्यसुता, भानुजा तरणितनूजा, अक्रसुता, यमभगिनी।
यश– कीर्ति, नाम, प्रसिद्धि, नेकनामी, ख्याति।
याचना– निवेदन, प्रार्थना, विनय, अर्ज, विनती।
याचिका– आवेदनपत्र, अभ्यर्थना, प्रार्थनापत्र।
युक्त– संलग्न, संयुक्त, जुड़ा हुआ, मिला हुआ, लगा हुआ।
युक्ति– ढंग, तदबीर, उपाय, जुगत, तरीका।
युद्ध– रण, जंग, समर, लड़ाई, संग्राम।
युद्धभूमि– युद्धक्षेत्र समरक्षेत्र, रणक्षेत्र, रणस्थल, युद्ध का मैदान।
युवती– सुंदरी, श्यामा, किशोरी, तरुणी, नवयौवना, नवोढ़ा, यौवनवती, रमणी
युवावस्था– जवानी, तारुण्य, यौवन।
योग्य– काबिल, कार्यक्षम, उपयुक्त, कुशल, सक्षम, दक्ष, निष्णात. क्षम।
यौगिक– संयुक्त, मिश्र, संश्लिष्ट, मिला हुआ, जुड़ा हुआ।

रंक– दरिद्र, कंगाल, अकिंचन, निर्धन, धनहीन।
रक्त– लौहित, लोहू, शोणित, खून, रुधिर, लहू।
रक्तपात– मार-काट, खून-खराबा, लड़ाई-झगड़ा।
रक्षा-बचाव, हिफाजत, सुरक्षा, रखवाली, त्राण
रत– तल्लीन, मग्न, लिप्त, अनुरक्त, लीन।
रमणी– स्त्री, भामा, वनिता, नारी, औरत, वामा।
रविवार– इतवार, आदित्यवार, सूर्यवार, रविवासर।
रस– सत्त, तत्त्व, सार।
रसना– जीभ, जबान, रसेन्द्रिय, जिह्वा, रसिका।
रमा– लक्ष्मी, विष्णुप्रिया, इन्दिरा, पद्मा, कमलासना, श्री, कमला। रश्मि- कर, अंशु, मयूख, मरीच, किरण।
रावण– दशकन्धर, दशशीश, दशानन, लंकेश, लंकाधिपति, दैत्येन्द्र, दशकण्ठ, दशवदन, राक्षसराज।
राजा– नृप, नृपति, भूप, महीप, नरेश, नरपति, भूपति, राव, नरेन्द्र, सम्राट, महिपति, भूस्वामी, पृथ्वीनाथ, पृथ्वीपाल, पृथ्वीपति, भूपाल।
राज्यपाल– प्रान्तपति, गवर्नर, सूबेदार, राज्यपति।


रात– रैन, रात्रि, रजनी, निशा, निशीथ, क्षपा, यामिनी, विभावरी, शर्वरी, तमी, त्रियामा, तमिस्रा, विभा, क्षणदा, दोषा।
राधा– वृषभानुजा, राधिका, ब्रजरानी, हरिप्रिया, वृषभानदुलारी, सर्वेश्वरी।
रामचन्द्र– रघुवीर, राघव, अवधेश, अवधनरेश, सीतापति, रघुनन्दन, रघुपति, पुरुषोत्तम, कमलनयन।
राय– परामर्श, सम्मति, सलाह, मन्त्रणा, मत।
राशि– समूह, पुंज, ढेर।
राहगीर– बटोही, पथिक, राही, यात्री, मुसाफिर।
रिक्त– खाली, शून्य, खोखला, रीता, छूछा।
रिहाई– मुक्ति, छुट्टी, उन्मोचन, मोक्ष, छुटकारा।
रीति– कायदा, तरीका, नियम, कानून, विधान, विधि।
रुग्ण– व्याधिग्रस्त, रोगी, बीमार, रोगग्रस्त, अस्वस्थ।
रुचि– दिलचस्पी, पसन्द, चाह, अभिरुचि।
रूप– आकार, शक्ल, बनावट, सूरत, आकृति।
रोजगार– व्यवसाय, कारबार, धंधा।
रोष– क्रोध, कोप, गुस्सा, अमर्ष, रिष।

– paryayvachi shabd

लक्ष्मण– लखन, शेषावतार, रामानुज, सौमित्र, अनन्त, शेष, सुमित्रापुत्र।
लक्ष्मी– श्री, कमला, रमा, पद्मा, पद्मासना, इन्दिरा, समुद्रजा, हरिप्रिया।
लक्ष्य– ध्येय, निशाना, ठिकाना, उद्देश्य, मंजिल, गंतव्य।
लगातार– बराबर, अविराम, सदा, निरन्तर, सर्वदा।
संलग्न– नत्थी, संयुक्त, सम्बद्ध।
लघु– थोड़ा, न्यून, हल्का, छोटा।
लज्जा– शर्म, हया, व्रीड़ा, संकोच, लाज।
लता– बेल, बल्ली, बल्लरी, लतिका।
ललित– दिलकश, रमणीय, मनोहर, मनोज, मनभावन।
लहर– तरंग, हिलोर, लहरी, वीचि, ऊर्मि, वेग, प्रवाह।
लाचार– बेबस, विवश, मजबूर, निरूपाय, बाध्य, बेचारा, निरीह।


लापरवाह– बेपरवाह, विमुख, बेफिक्र, चिन्तामुक्त।
लापरवाही– बेसुधी, बेफिक्री, बेखबरी।
लाभ– प्राप्ति, फायदा, मुनाफा, नफा।
लाल– रक्ताभ, सुर्ख, रक्तिम, अरुण, सूर्य, सुर्ख, लोहित।
लालसा– लोभ, अभिलाषा, लालच, लिप्सा, तृष्णा।
लुप्त– गुम, गायब, अदृश्य, अन्तर्ध्यान, अप्रकट।
लोहा– आयस, सार, लौह, फौलाद, अश्मसार।
लुटेरा– डाकू, डकैत, लुण्ठक, अपहर्ता, बटमार।
लौ– ज्वाला, लपट, अग्निशिखा।

वंश– कुल, घराना, खानदान।
वक्ता– व्याख्याता, भाषणकर्ता, वाचक, प्रवक्ता।
वक्र– तिरछा, टेढ़ा तिर्यक, कुटिल।
वक्ष– छाती, सीना, वक्षस्थल, उदरस्थल, उर।
वचन– कथन, वादा, बात, प्रण, उक्ति।
वन– अरण्य, कानन, अटवी, विपिन, जंगल, कान्तार।
वर– श्रेष्ठ, उत्तम, मुख्य, सर्वोपरि, प्रधान, उत्कृष्ट।
वरण– चुनाव, छंटाई, चयन।
वर्ग– समुदाय, कोटि, सम्प्रदाय, समूह, श्रेणी, जमात।
वर्जित– निषिद्ध, बाधित, प्रतिषेधित, निषेधित, मना, वर्जना।
वर्णन– वृत्तान्त, विवेचन, निरूपण, चित्रण, बयान।


वर्ष– साल, बरस, अब्द, वत्सर।
वर्षा– पावस, बरसात, वर्षाकाल, चौमासा, वर्षाऋतु, बरखा, मेह।
वल्लभ– पति, प्रियतम, प्राणेश्वर, प्राणनाथ, प्रिय, नाथ।
वस्तु– चीज़, द्रव्य, पदार्थ।
वस्तुतः– सचमुच, यथार्थतः, वास्तव में, दरअसल।
वस्त्र– वसन, कपड़ा, पट, अम्बर, चैल, चीर।
वांछित– अभिलषित, अभिप्रेत, अभीष्ट, अभीप्सित, ईप्सित, अपेक्षित, चाहा हुआ।
वाणी– वचन, बोली, बात, भाषा।
वातावरण– परिवेश, पर्यावरण, वायुमण्डल।
वादविवाद– मुबाहिसा, वादानुवाद, शास्त्रार्थ, तर्क-वितर्क, बहस, विमर्श।
वायु– हवा, पवन, समीर, अनिल, वात, मारुत।
वास– आवास, मकान, गृह, घर, निवास, भवन, सदन, निकेतन।
वास्तविक– यथार्थता, सत्यता, असलियत, सचमुच।
विकार– खराबी, बिगाड़ बुराई, विकृति, दोष।


विगत– बीता, अतीत, व्यतीत, गया हुआ।
विज्ञ– जानकार, ज्ञानी, पडित, समझदार, बुद्धिमान, विद्वान।
विद्या– ज्ञान, शिक्षा, गुण, इल्म, सरस्वती, कर्णिका।
विद्यालय– पाठशाला, मदरसा, स्कूल, शिक्षणसंस्थान, विद्यामन्दिर, शिक्षालय।
विष्णु– गरुड़ध्वज, अच्युत, जनार्दन, चक्रपाणि, विश्वम्भर, मुकुन्द, नारायण, हृषिकेश, दामोदर, केशव, माधव, गोविन्द, लक्ष्मीपति, विधु, विश्वरूप, जलाशायी, वनमाली, उपेन्द्र, पीताम्बर, चतुर्भुज, मधुरिपु, रमापति, रमेश, चक्रधर, गदाधर, मुरारी, शंखधर, इन्दिरापति।
विधाता– विरञ्चि, विधि, ब्रह्मा, स्रष्टा, अब्जयोनि।
विनाशी– मरणशील, विनाशशील, अनित्य, मरणधर्मी, नश्वर।
विनिमय– लेन-देन, अदला-बदली, आदान-प्रदान, व्यतिहार।
विपत्ति– संकट, आफत, विपदा, मुसीबत, आपदा।
विपन्न– दुःखी, पीड़ित, विपत्तिग्रस्त, व्यथित, आर्त।
विपरीत– उलटा, प्रतिकूल, खिलाफ, विरुद्ध।
विधि– शैली, तरीका, नियम, रीति, पद्धति, प्रणाली, चाल।


विमल– स्वच्छ, निर्मल, पवित्र, पावन, विशुद्ध।
विमान– वायुयान, खग, उड़नखटोला, हवाईजहाज, नभयान।
विवाह– ब्याह, पाणिग्रहण, परिणय, शादी, गठबन्धन, निकाह, गठजोड़।
विधवा– पतिहीना, अनाथा, राँड, पतिविहीना, पतिरहिता।
विफल– निष्फल, व्यर्थ, बेकार, निरर्थक, फलरहित।
विभा– आभा, कान्ति, चमक, प्रभा, शोभा।
विभिन्न– भिन्न-भिन्न, तरह-तरह का, विविध, नाना प्रकार, भाँति-भाँति का।
विभोर– मग्न, मुग्ध, लीन, मस्त, तल्लीन।
विमुक्त– स्वतन्त्र, स्वच्छन्द, रिहा, बरी, आजाद, उन्मुक्त।
विमुख– उदासीन, अनासक्त, तटस्थ, बेलाग, विरक्त।
विरक्ति– अनासक्ति, विमुखता, उदासीनता, निर्लिप्तता, विराग।
विराम– अटकाव, ठहराव, विश्राम, आराम।
विरद-गुणगान, यशोगान, प्रशस्ति, गुणवर्णन, कीर्ति।
विलास– आनन्द, वासना, भोग, सन्तुष्टि, सुखभोग।
विलासी– कामी, विषयी, भोगी, लम्पट, कामुक।
विलोम– विपरीत, उलटा, विरुद्ध, खिलाफ, प्रतिकूल,प्रतिलोम।


विवरण– वर्णन, खुलासा, ब्यौरा, तफसील।
विवेचन– जाँच, मीमांसा, निरूपण, समीक्षण।
विशद– साफ, व्यक्त, स्पष्ट, प्रकट।
विशिष्ट– मुख्य, प्रधान, श्रेष्ठ, गणमान्य।
विष– गरल, माहुर, जहर, कालकूट, हलाहल।
विषम– भीषण, भयंकर, उग्र, भयावह, खौफनाक।
विषम– अनमेल, बेजोड़, असंगत, बेमेल, असमान।
विष्टा– मल, पुरीष, गृह।
विस्तृत– विशाल, फैला हुआ, लंबा-चौड़ा, विस्तीर्ण।
विह्वल– बेचैन, व्यग्र, विक्षुब्ध, आकुल, व्याकुल।
वीर्य– शुक्र, धातु, जीवन, सार, तेज, बीज।
वृक्ष– शाखी, पादप, द्रुम, विटप, पेड़, रूख, गाँछ।
वृत्त– गोला, मण्डल, घेरा।
वृत्तान्त– हाल, समाचार, खबर।
वृत्ति– जीविका, धन्धा, पेशा, रोजगार, रोजी।
वृथा– बेकार, निरर्थक, व्यर्थ, बेफायदा, निष्प्रयोजन, निष्प्रयोज्य।


वृद्धि– उन्नति, विकास, वर्द्धन, बढोत्तरी, बढ़ती, प्रसार।
वेतन– पगार, तनख्वाह, तलब।
वेशभूषा– पहनावा, परिधान, पोशाक, लिबास।
वेश्या– सदासुहागिन, गणिका, वारांगना, पतुरिया, रण्डी, तवायफ, चञ्चला।
वैचित्र्य– अजूबा, विलक्षणता, अनूठापन, अनोखापन, निरालापन।
वैभव– समृद्धि, सम्पन्नता, धन-दौलत, सम्पत्ति, सम्पदा, ऐश्वर्य।
वैश्य– बनिया, वणिक, व्यापारी, लाला, आपणिक, सौदागर, वनिकया।
व्यथित– पीड़ित, क्लेशित, कष्टापन्न, दुःखी, वेदनाग्रस्त।
व्यभिचारिणी– कुलटा, छिनार, स्वैरिणी, पुंश्चली।
व्यवस्था– आयोजन, प्रबन्ध, बन्दोबस्त, इन्तजाम।
व्याख्या– वर्णन, टीका, विवेचन।
व्यवधान– बाधा, विघ्न, रोड़ा, अड़चन, अवरोध।
व्याघ्र– बहेलिया, शिकारी, आखेटक, लुब्धक।
व्रत– संकल्प, प्रतिज्ञा, दृढ़निश्चय।
विद्युत– बिजली, चपला, चञ्चला, तड़ित, दामिनी, अंशिन, घनवल्ली, बीजरी, क्षणप्रभा, काञ्चन, कौंधा, चन्पा, सौदामिनी, छटा।
व्रीडा– लज्जा, शर्म, हया, लाज, संकोच।

शंकर– शिव, उमापति, शम्भु, भोलेनाथ, त्रिपुरारि, महादेव, महेश, देवाधिदेव, चन्द्रमौलि
शंका– सन्देह, शक, आशंका, संशय, शुबहा।
शक्ति– बल, सामर्थ्य, क्षमता, ताकत, जोर।
शनै:– धीरे, हौले, आहिस्ता, धीमा।
शपथ– कसम, हलफ, सौगन्ध, प्रतिज्ञा, सौंह, संकल्प।
शरण– आश्रय, त्राण, पनाह, रक्षा, संश्रय।
शत्रु– बैरी, रिपु, दुश्मन, अरि, विपक्षी, प्रतिपक्षी, प्रतिद्वन्द्वी।
शरीर– काया, गात, वपु, तन, अंग, देह, बदन।
शव– लाश, मिट्टी, मुर्दा, लोथ।
शस्त्र– अस्त्र, हथियार, आयुध।
शाप– अवग्रह, दुर्वचन, बददुआ।
शायद– सम्भवतः, स्यात्, कदाचित्।
शालीन– सौम्य, भद्र, शिष्ट, सलज्ज, नम्र, विनम्र।


शाश्वत– सर्वकालिक, अक्षय, सनातन, नित्य, चिरन्तर, स्थायी।
शिकार– आखेट, अहेर, मृगया।
शिकारी– आखेटक, लुब्धक, बहेलिया, अहेरी, व्याघ्र।
शिखा– जूड़ा, चोटी, चुण्डी, चुटिया।
शिथिल– मन्द, ढीला, सुस्त, आलसी, अशक्त।
शिरा– धमनी, नस, नाड़ी
शिल्पी– कारीगर, दस्तकार, शिल्पकार।
शिष्ट– शालीन, भद्र, सौम्य, सम्भ्रान्त, सभ्य, विनम्र, नम्र, अनुशासित शीघ्र- अविलम्ब, तुरन्त, जल्दी, त्वरित, तत्क्षण, क्षिप्र, आशु।
शुक्ल– सफेद, धवल, उजला, धौला, श्वेत, शुभ्र, गौर, सित, अवदात, उज्ज्वल।
शुभ– मंगल, कल्याणकारी, मंगलकारी, मंगलप्रद, शुभकर, कल्याणप्रद, शुभदा।
शून्य– रिक्त, खाली, रहित, हीन, विहीन।
श्रृंगार– भूषा, साजसज्जा, रूपसज्जा, सिंगार, सजावट।
शेर– शार्दूल, हरि, केहरि, चित्रक, मृगराज, वनराज, केशरी, सिंह।


शेषनाग– अहि, नाग, भुजंग, ब्याल, उरग, पन्नग, फणीश।
शैली– प्रणाली, ढंग, विधि, रिति, परिपाटी।
शोध– अनुसन्धान, खोज, गवेषणा।
शोभा– सुन्दरता, छटा, सौन्दर्य, सुषमा, मनोहरता, मञ्जुलता, छवि।
श्मशान– मरघट, मसान, दाहस्थल, कब्रगाह।
श्रमिक– मेहनतकश, मिहनतकश, मजदूर, कामगार, श्रमजीवी।
श्रेष्ठ– मुख्य, प्रधान, उत्तम, सर्वोपरि, विशिष्ट, उत्कृष्ट।
शिक्षा– तालीम, प्रशिक्षण, उपदेश, नसीहत, सीख, ज्ञान।

षड्यन्त्र– साजिश, दुरभिसंधि, अभिसंधि, कुचक्र।
षण्ड– हिजड़ा, जनखा, नपुंसक, नामर्द, क्लीव

संकेत– इशारा, सैन, इंगित।
संक्रामक– छुतहा, संस्पर्शज, सांसर्गिक।
संगम– साथ, मेल, संग, संयोग, मिलाप, मिलन, समागम, सम्मिलित।
संग्रह– संचय, संकलन, जमाव, एकत्र, इकट्ठा।
संतप्त– पीड़ित, व्यथित, दुःखी, क्लेशित, वेदनाग्रस्त।
संतान– औलाद, बाल-बच्चे, संतति।
संतोष– संतुष्टि, तृप्ति, तुष्टि, सब, तोष, इत्मीनान।
संदिग्ध– शंकास्पद, संदेहजनक, शंका, संशयान्वित।
संध्या– निशारम्भ, दिनावसान, दिनान्त, सायंकाल, गोधूलि, प्रदोषकाल, साँझ।
संन्यासी– दण्डी, बैरागी, विरत, त्यागी, परिब्राजक।
संलग्न– अनुबद्ध, नत्थी, संयुक्त, सम्बद्ध।
संवाद– वार्तालाप, बातचीत, सम्भाषण।
संसार– विश्व, दुनिया, जग, जगत्, जगती, इहलोक।


संस्थापक– संचालक, प्रवर्तक, मूलकर्ता।
संहार– बरबादी, समाप्ति, अन्त, नाश, ध्वंस, विध्वंस।
सच्चा– सत्यभाषी, सत्यवान, सत्यनिष्ठ, सत्यवादी, सत्यव्रत, सत्यधर्मी।
सजग– चौकस, चौकन्ना, सतर्क, सचेत, होशियार, सावधान।
सदा– हमेशा, हरदम, निरंतर, नित्य, सदैव, चिरन्तर।
सफल– कामयाब, फलवान, कृतार्थ, कृतकृत्य, फलीभूत।
सभ्यता– भद्रता, शिष्टाचार, शिष्टता, सुशीलता, शीलवत्ता।
समकालीन– समसामयिक, समकालिक, समवयस्क।
समता– तुल्यता, बराबरी, समत्व, सादृश्य, साम्य, समानता।
समन्वय– संसर्ग, मेल, सामंजस्य, मध्य-मार्ग।
समय– काल, वक्त, बेला, अवधि।
समर्थन– मंडन, पिष्टपोषण, अनुमोदन, पक्षपोषण।
समस्त– कुल, पूरा, समूचा, सारा, समग्र।
समान– बराबर, तुल्य, तत्सम, तद्रूप, अनुरूप, सदृश, सम।
समाप्ति– इतिश्री, इति, खात्मा, अन्त, समापन।


समिति– गोष्ठी, संघटन, सभा, मण्डली, संघ, संस्था, संस्थान।
समीक्षा– आलोचना, निरूपण, विवेचना, समालोचना, मीमांसा।
समीचीन– ठीक, उपयुक्त, उचित, वाजिब, मुनासिब।
समुद्र– सिन्धु, सागर, जलधि, उदधि, पारावार, नदीश, पयोनिधि, पयोधि, रत्नाकर, अण, नीरनिधि, अब्धि, वारिधि, जलधाम, नीरधि, तोयनिधि, वारीश।
समूह-टोली, जत्था, राशि, निकाय, संगठन, संघ, पुन्ज, समुच्चय, कलाप, दल, झण्ड, मण्डल।
सम्राट– अधिपति, शाहशाह, राजाधिराज, अधीश्वर, महाराजा, नृपति,भूपति।
सरल– बोधात्मक, सुगम, बोधगम्य, आसान, सुबोध, सहज।
सरस्वती– भारती, शारदा, वीणा, गिरा, भाषा, इला. ब्राह्मी. वीणापति, वागीश, महाश्वेता, निधात्री, वागेश्वरी, वागिवधात्री, कर्णिका, हंसवाहिनी, वीणावादिनी।
सर्प– अहि,भुजंग, मणिधर, फणिधर, विषधर, व्याल, फणी, उरग, पन्नग, नाग, सांप, सरीसृप, द्विजि।
साफ– स्वच्छ, उजला, निर्मल, उज्ज्वल, शुक्ल, श्वेत, पवित्र, शुभ्र, शुचि, धवल. सिति गौर।
सही– ठीक, यथार्थ, सच, शुद्ध, वास्तविक, उचित, संगत, उपयुक्त।
सांत्वना– दिलासा, आश्वासन, ढाढ़स।
सांसारिक– सांसारी, लोकपरक, ऐहिक, दुनियाबी, लौकिक।


सार– रस, सत्त, निचोड़, सत्त्व।
सारंग– सिंह, हाथी, कोयल, कामदेव, मृगा।
सारांश-निचोड़, संक्षेप, सार।
सिंह– शार्दूल, हरि, केहरि, केशरी, मृगराज, मृगेन्द्र, वनराज, व्याघ्र, केशी, पुण्डरीक, नखायुध, वनहरि, मृगारि, शेर, बाहुबल, नाहर, चित्रक।
सिंहासन– राजगद्दी, तख्त, राजासन।
सिफारिश– अभिस्ताव, संस्तुति, अनुशंसा।
सीता– भूमिजा, वैदेही, जनककिशोरी, जनकतनया, जानकी, रामप्रिया, जनकसुता, जगजननि।
सीमित– परिसीमित, निश्चित, मर्यादित, परिमित, निर्धारित।
सुन्दर– मनोहर, मनोरम, रम्य, रुचिर, रमणीक,रमणीय, चारु, ललित, ललाम, कलित, कमनीय, मोहक, मन्जुल, मनोज, मनभावन, खूबसूरत।
सुन्दरी– सुभगा, रूपसी, रूपराशि, सुदर्शना, छबीली, हसीना।
सुख– आनन्द, चैन, मजा, परितोष।
सुगन्धि– खुशबू, महक, सुवास, सुरभि, परिमल।
सुबोध– सरल, आसान, सुस्पष्ट, सुगम, बोधगम्य।
सुविधा– सहूलियत, सुगमता, सुभीता, आसानी।


सुस्ताना– ठहरना, रुकना, दम लेना, विश्राम, आराम।
सुअर– वराह, वाराह, सूकर, शूकर।
सोना– स्वर्ण, कञ्चन, हाटक, कनक, हिरण्य, हेम, जातरूप, चामीकर, सुवर्ण, पुष्कल, जातक, रुक्म, तामरस।
सूर्यरवि, भानु, दिनकर, दिवाकर, भास्कर, प्रभाकर, सविता, पतंग, आदित्य, अक्र, कमलबन्धु, दिनमणि, मारीचिमाली, चण्डांशु, हंस, तेजोराशि
सौम्य– नम्र, शांत, विनीत, शिष्ट, मिलनसार।
स्तन– कुच, उरस, छाती, उरोज़।
स्तुति– प्रार्थना, पूजा, आराधना, अर्चना, प्रशंसा।
स्त्री– नारी, प्रिया, अबला, वनिता, महिला, रमणी, कामिनी, भामिनी, भार्या, ललना, वामा, आर्या, कान्ता, अंगना, कलत्र, सुन्दरी, प्रमदा।
स्थल– स्थान, ठाँव, ठौर, भूमि, जगह।
स्थायी– टिकाऊ, स्थिर, दृढ़, पक्का, मजबूत।
स्थावर– अटल, अचल, स्थिर, निश्चल, अचर।
स्थिर– स्थायी, अडिग, निश्चल, दृढ़, स्थावर।
स्पष्ट– साफ, व्यक्त, प्रत्यक्ष, प्रकट, जाहिर।


स्वर्ग– द्यौ, देवलोक, सुरलोक, इन्द्रपुरी, दिव, सुरपुर,नाक, बैकुंठ, परलोक, परमधाम।
स्वतन्त्र– मुक्त, रिहा, आजाद, स्वायत्त, स्वाधीन।
स्वभाव– आदत, प्रकृति, प्रवृत्ति, मिजाज।
स्वागत– शुभागमन, अगवानी, आवभगत।
स्वादिष्ट– जायकेदार, मजेदार, रुचिकर, रसदार।
स्वीकार– अंगीकार, कुबूल, मंजूरी, स्वीकृति।
सम्पूर्ण– सर्व, सकल, समग्र, पूर्ण, समूचा, समस्त, अखिल।

– paryayvachi shabd

हंस– मुक्तभुक्, मराल, सरस्वतीवाहन।
हँसमुख– जिंदादिल, प्रसन्नवदन, प्रसन्नचित्त, प्रफुल्ल, खुशमिजाज।
हँसी– हास्य, स्मिति, मुस्कुराहट, मुस्कान, विनोद, दिल्लगी, मजाक।
हठ– ज़िद, टेक, अड़, दुराग्रह।
हताश– मायूस, निराश, आशाहीन, आशारहित।
हथियाना– अधिकार जमाना, दखल करना, दबाना, हड़पना, कब्जियाना, अधिग्रहण।

हत्या– खून, कत्ल, वध, जीवघात।
हनुमान– पवनसुत, पवनकुमार, महावीर, रामदूत, मारुततनय, बज्रांगी, मारुतिनन्दन, आंजनेय, कपीश, पवनपुत्र, अंजनिपुत्र,केशरीनंदन,बजरंगबली, कपीश्वर।
हरि– बन्दर, इन्द्र, विष्णु, पृथ्वीपति, पृथ्वीनाथ, त्रिलोकीनाथ, लक्ष्मीपति, चन्द्र, सिंह।
हर्ष– खुशी, प्रसन्नता, आनन्द, आमोद, आह्लाद।
हर्षित– आह्लादपूर्ण, प्रफुल्ल, प्रमुदित, प्रसन्न, खुश।


हवाला– अर्पण, समर्पण, सुपुर्दगी, हस्तान्तरण।
हाथी– हस्ती, गज, करी, कुंजर द्विरद, नाग, दन्ती, कुम्भी, सिन्धुर, गजेन्द्र, मतंग, व्याल, वितुण्ड, द्विप, गयन्द, वारण।
हार– मात, पराभव, पराजय, शिकस्त।
हित– उपकार, भला, मंगल, कल्याण, भलाई।
हितैषी– हितचिंतक, शुभकामी, शुभचिन्तक, मंगलाकांक्षी, शुभेच्छु।
हिम– तुषार, नीहार, बर्फ, तुहिन।
हिमालय– हिमपति, नगराज, शैलेन्द्र, नगपति, हिमाद्रि, हिमाञ्चल, गिरिराज।
हिरन– मृग, सारंग, हरिण, सुरभी, कुरंग, चितल, बारहसींगा।
हेय– तुच्छ, अनादरणीय, घटिया, तिरस्कारपूर्ण, उपेक्षापर्ण, नाचीज, नगण्य, गाल।
हास– क्षय, घटाव, गिरावट, कमी, न्यूनता, क्षति, हानि।

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