काल करै सो आज कर- कहानी

प्रिय पाठकों! आज हम आपके लिए काल करै सो आज कर नामक कहानी लेकर आये हैं। वैसे तो इस short story in hindi का उद्देश्य आध्यात्मिक है। परंतु इससे प्राप्त होने वाली शिक्षा का प्रयोग जीवन के किसी भी क्षेत्र में किया जा सकता है।

काल करै सो आज कर

एक बार कबीरदास जी के यहां सत्संग में एक किसान आया। कबीरदास जी ने उसे कहा कि कुछ समय ईश्वर की आराधना में व्यतीत करो। इस पर उस किसान ने जवाब दिया, “अभी मेरे बच्चे छोटे हैं। जब वे जवान हो जाएंगे तो मेरी जिम्मेदारी कम हो जाएगी तब मैं अवश्य भजन पूजन करूंगा।”

समय बीता। किसान के लड़के जवान हो गए। वे काम में उसका हाथ बटाने लगे। वह फिर एक दिन कबीरदास जी के सत्संग में पहुंचा। कबीरदास जी ने उसे उसकी कही बात याद दिलाई। इस पर किसान बोला, “इनका विवाह हो जाये तो मैं जिम्मेदारियों से पूर्ण रूप से मुक्त होकर भजन पूजन करूंगा।”

काल करै सो आज कर
काल करै सो आज कर

कुछ समय के बाद किसान के लड़कों का विवाह हो गया। लेकिन किसान को भजन पूजन का समय नहीं मिला। पूछने पर उसने कहा कि पोतों का मुंह देखने की बड़ी इच्छा है। उसके बाद तो भजन ही करना है।

समय के साथ उसे पोतों का सुख भी मिला। तब फिर से कबीरदास जी ने उसे टोका। उसने उत्तर दिया, “महाराज! पोतों के साथ खेलने से समय ही नहीं मिलता। भजन कब करूं? अब ये थोड़े बड़े हो जाएं तो अवश्य ही भजन में अपना समय लगाऊंगा।”

इसी सांसारिक माया में रमे किसान की मृत्यु हो गयी। जब कबीरदास जी को पता चला तो उन्होंने ध्यान लगाकर देखा कि किसान ने अपने ही घर में एक गाय के बछड़े के रूप में जन्म लिया है।

जब बछड़ा बड़ा हुआ तो उसे हल में जोता गया। जब वह बूढ़ा हो गया तो उसे कोल्हू में जोता गया। जब वह बिल्कुल काम का नहीं रह गया तो किसान के बेटों ने उसे एक कसाई को बेच दिया। कसाई ने उसे काटकर उसका मांस बेच दिया और उसकी खाल को नगाड़ा बनाने वालों को बेच दिया।

अब नगाड़े वाले उसकी खाल को पीट पीटकर बजाने लगे। इस पर दुखी होकर कबीरदास जी ने लिखा–

बैल बने हल में जुते, ले गाड़ी में दीन।
तेली के कोल्हू रहे, फिर घेर कसाई लीन।।
माँस कटा बोटी बिकी, चमड़न मढ़ी नक्कार।
कुछ कुकरम बाकी रहे तिस पर पड़ती मार।।

इसलिए समय से भजन शुरू कर देना चाहिए। ताकि ईश्वर हमारे पापों को क्षमा कर सकें। इसका प्रयोग हम अपने जीवन दूसते अर्थों और दूसरे लक्ष्यों के लिए भी कर सकते हैं।

सीख- Moral of Storu

इस कहानी से हमें सीख मिलती है कि हमें सभी कार्य समय पर करने चाहिए। टालमटोल से बचना चाहिए। अन्यथा नुकसान ही होता है।

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काल करै सो आज कर” नामक यह कहानी आपको कैसी लगी ? कमेंट करके जरूर बताएं।

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