मोरल स्टोरी- समस्या समाधान

Last Updated on September 8, 2020 by Indra Mani Shukla

मोरल स्टोरी- समस्या समाधान । story in hindi

मोरल स्टोरी- समस्या समाधान एक ऐसी कहानी है, जो हमारे दृष्टिकोण को बदलने का प्रयास करती है। यह प्रेरणादायक कहानी हमें समस्याओं से संघर्ष करने की प्रेरणा देती है।

मोरल स्टोरी- समस्या समाधान
हिंदी कहानियां- समस्या का समाधान

माधवपुर गांव में एक किसान मनोहर रहता था। खेती करने के लिए उसके पास एक बड़ा सा खेत था। वही खेत ही उसकी आजीविका का साधन था। उस खेत से प्राप्त अनाज से ही उसके परिवार का पालन पोषण होता था।

लेकिन उसके खेत में एक समस्या थी। खेत के बीचोबीच एक बड़ा सी चट्टान दबी हुई थी। जिसका ऊपरी हिस्सा बाहर निकला हुआ था। उस पत्थर ने खेत का एक बड़ा उपजाऊ हिस्सा बेकार कर रखा था। जिससे मनोहर का काफी नुकसान होता था।

इतना ही नहीं खेत में काम करते समय उसे बड़ी सावधानी बरतनी पड़ती थी। अन्यथा कृषियंत्र उस पत्थर से टकराकर टूट जाते थे। कई बार मनोहर के कई कृषि के औजार उस पत्थर से टकराकर टूट चुके थे। उन्हें ठीक करवाने में मनोहर को काफी पैसा भी खर्च करना पड़ा था।

मनोहर ने कभी उस पत्थर को हटाने का प्रयास नहीं किया था। क्योंकि उसे लगता था कि वह एक विशाल चट्टान है। जो जमीन में काफी अंदर तक दबी है। उसे निकालने में बहुत मेहनत लगेगी और हो सकता है कि कुछ धन भी खर्च करना पड़े।

एक दिन जब वह खेत की जुताई कर रहा था तो बहुत सावधानी बरतने के बावजूद हल चट्टान से टकराकर टूट गया। मनोहर को बहुत गुस्सा आया। उसने सोचा बस बहुत हो गया। जैसे भी होगा अब कल ही मैं इस चट्टान को खेत से बाहर निकलवाऊंगा।

दूसरे दिन उसने अपने गांव और पड़ोस के गांव से अपने मित्रों को खेत में इकट्ठा किया। उसने उनसे कहा, “साथियों ! यह चट्टान बहुत समय से मेरे खेत में है। इसकी वजह से मुझे बहुत नुकसान होता है। यद्यपि यह बहुत भारी होगी लेकिन आज आप लोगों की मदद से मैं इसे निकालकर ही रहूंगा।

फिर सब लोगों ने मिलकर चट्टान को खेत से हटाने के लिए जोर लगाया तो बड़ी आसानी से अपनी जगह से हट गया। सबको बड़ा आश्चर्य हुआ। फिर जब सबने ध्यान से देखा तो पता चला कि वह चट्टान नहीं पत्थर का एक बड़ा टुकड़ा था।

यह देखकर उसके मित्रों ने कहा, “मनोहर ! यह तो एक साधारण पत्थर था, कोई चट्टान नहीं। इसका मतलब यह हुआ कि तुमने कभी इसका ध्यान से न तो निरीक्षण किया और न ही कभी हटाने का ही प्रयास किया। अगर तुम चाहते तो इसे स्वयं भी हटा सकते थे। अगर तुमने समय पर इस समस्या का समाधान करने की कोशिश की होती तो तुम्हें इतने दिनों तक नुकसान नहीं उठाना पड़ता।”

मनोहर को अपनी गलती का अहसास हो गया था। उसे बहुत पछतावा भी हुआ।

कहानी की सीख । moral of story

मोरल स्टोरी- समस्या समाधान हमें सिखाती है कि हमें समस्याओं को टालने की बजाय उनका सामना करना चाहिए। तभी उनका समाधान हो सकता है। कई बार समस्या बड़ी छोटी होती है लेकिन हम उसे चट्टान जैसी समझ कर उससे भागते हैं। जब तक हम किसी समस्या का सामना नहीं करते तब तक न तो उसका समाधान ही मिलता है न ही उसकी गम्भीरता का पता चलता है।

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